रसोई से तुरंत निकाल दें ये तेल, एक्सपर्ट ने बताया दिल के लिए क्यों हो सकता है खतरनाक

refined oil side effects: खान-पान की आधुनिक आदतों ने हमारे दैनिक जीवन में कई ऐसे बदलाव किए हैं जिनका असर सीधे स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। भारतीय घरों में तलने और रोजमर्रा का भोजन तैयार करने के लिए रिफाइंड तेल का चलन काफी बढ़ चुका है।

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का विश्लेषण बताता है कि यह धीमे जहर की तरह हृदय की कार्यप्रणाली को नुकसान पहुंचाता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने पर शरीर में सूजन, डायबिटीज और खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगता है। हृदय रोग विशेषज्ञ के अनुसार हृदय को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए रिफाइंड उत्पादों को तुरंत रसोई से हटाना जरूरी है।

प्राकृतिक और पारंपरिक वसा की अहमियत

विशेषज्ञ बताते हैं कि आधुनिक पैकेज्ड तेलों के बजाय उन प्राकृतिक विकल्पों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो वर्षों से भारतीय आहार का मुख्य हिस्सा रहे हैं।

देसी घी का पारंपरिक महत्व

घी को रसोई में सबसे बेहतरीन वसा का स्रोत माना गया है। यह विटामिन ए, डी, ई और के जैसे जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसके अलावा इसमें मिलने वाला ब्यूटिरेट पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। घी का स्मोक पॉइंट लगभग 300 डिग्री तक होता है जिससे यह तेज आंच पर पकाने और तलने के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहता है।

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सरसों का तेल और उसके गुण

उत्तर भारत की रसोइयों में इस्तेमाल होने वाला सरसों का तेल स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद उपयोगी है। इसमें मौजूद अल्फा-लिनोलेनिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट हृदय को सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह प्राकृतिक वसा दिल की धमनियों को स्वस्थ बनाए रखने में असरदार है।

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