एक फुल दो हाफ; अखिलेश का योगी सरकार पर शायराना तंज, कफ सिरप कांड ने पकड़ा तूल

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के मध्य की अदावत जगजाहिर है। दोनों प्रमुख दल कब किस मुद्दे पर आपस में उलझ जाएं, कोई नहीं जानता। ऐसे में एक-दूसरे पर तीखे शब्द बाण छोड़ना आम बात है। कोडीन कफ सिरप प्रकरण आजकल सुर्खियों में है। कफ सिरप के अवैध कारोबार से पर्दा उठने के बाद सियासी हलचल तेज है। पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच चल रही है। इस दरम्यान कफ सिरप तस्करों के राजनीतिक संबंधों पर खूब हल्ला मच रहा है।

इस मुद्दे पर भाजपा और सपा आमने-सामने हैं। दोनों दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाकर अपना बचाव कर रहे हैं। इसी कड़ी में अब शायराना अंदाज में दिलचस्प जुबानी हमले शुरू हो चुके हैं। नेताओं का यह अंदाज जनता को काफी रोमांचित कर रहा है।

दरअसल कफ सिरप प्रकरण पर सपा की आलोचना कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि ‘यही कसूर में बार-बार करता रहा और आईना साफ करता रहा’। सीएम योगी का निशाना सपा मुखिया अखिलेश यादव पर था।

अखिलेश ने शायराना अंदाज में किया पलटवार

अलबत्ता अब सपा चीफ ने भी शायराना तरीके से सत्ता पक्ष पर पलटवार किया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का फोटो शेयर कर तंज कसा है।

उन्होंने लिखा कि एक फुल दो हाफ हैं, यूं तो आपस में खिलाफ हैं। कोडीन के मारे ये सारे, आज डर के मारे साथ हैं। सपा चीफ का यह पोस्ट चर्चाओं में हैं। कफ सिरप तस्करी से जुड़े एक माफिया की कुछ तस्वीरें अखिलेश यादव के साथ सामने आने के बाद सीएम योगी ने सपा नेता पर जुबानी हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि सपा के हर माफिया से संबंध रहे हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है। प्रकरण की सपा की संलिप्तता सामने आएगी।

उधर, कफ सिरप तस्करी के नेटवर्क की जड़ तलाशने के लिए जांच टीमें निरंतर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने इस मामले में कई एफआईआर भी दर्ज की हैं। यूपी में अगले साल पंचायत चुनाव होने हैं। पंचायत चुनाव का शेड्यूल घोषित हो चुका है। चुनाव से पहले अलग-अलग मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव देखने को मिल रहा है। देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में अपनी सियासी जमीन मजबूत करने को सभी दल सक्रिय हैं।

हालांकि अगले विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन की कोई उम्मीद नहीं है। चूंकि बसपा सुप्रीमो ने विस चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है। संगठन की मजबूती के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती ने सक्रियता बढ़ाई है। इसके इतर भाजपा ने नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी है। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी पर बड़ी जिम्मेदारी है। सपा भी पीछे नहीं है।

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सपा मुखिया अखिलेश यादव सत्ता पक्ष की कमजोरी को उजागर करने में लगे हैं। फिलहाल कफ सिरप तस्करी से जुड़े आरोपियों की किस राजनीतिक दल में ज्यादा घुसपैठ रही है, यह सवाल आमजन को परेशान कर रहा है। आमजन यह जानने को उतावला है कि आखिर सिस्टम की आंखों में धूल झोंक कर कैसे यह गिरोह गैर कानूनी कृत्यों को लंबे समय तक अंजाम देता रहा। राजनेताओं को इस मुद्दे पर आपस में उलझने की बजाए ऐसे मजबूत सिस्टम की वकालत करनी चाहिए, जो भविष्य में अवैध कारोबार को पनपने से रोक सके।

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