BJP-JDU में सीटों की ‘बराबरी’, पर मंत्रिमंडल में बड़ा खेल; कौन सी पार्टी होगी ज़्यादा पावरफुल

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की भारी जीत के बाद सरकार गठन की तैयारियां अब रफ्तार पकड़ चुकी हैं। चुनाव से पहले बीजेपी और जेडीयू ने बराबर सीटों पर दांव लगाया था और दोनों ने 101 उम्मीदवार उतारे थे। अब माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में भी दोनों दलों की हिस्सेदारी लगभग समान रहेगी। गठबंधन में शामिल अन्य दलों के लिए भी जगह तय करने की कवायद जारी है। लोक जनशक्ति पार्टी राम विलास के हिस्से में दो मंत्रालय जा सकते हैं। जीतनराम मांझी की पार्टी को एक जगह मिलने की चर्चा है। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को भी एक पद मिल सकता है।

कई चेहरों के बदले जा सकते हैं विभाग

गठबंधन के भीतर बातचीत निरंतर चल रही है। सूत्रों के मुताबिक पिछली सरकार के कई चेहरों के विभाग बदले जा सकते हैं। जेडीयू विधायक दल की बैठक सोमवार को तय है। इसके बाद CM नीतीश कुमार राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इधर बीजेपी भी मंगलवार को अपने विधायक दल की बैठक बुला सकती है ताकि आगे की रणनीति तय हो सके।

अगर विधानसभा की तस्वीर पर नजर डालें तो 243 सदस्यीय सदन में बीजेपी को 89 सीटें मिली हैं। जेडीयू 85 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। एलजेपी राम विलास के पास उन्नीस सीटें हैं। हम सेक्युलर ने पांच सीटें जीतीं और राष्ट्रीय लोक मोर्चा पार्टी को चार सीटें मिलीं। पिछले चुनाव में बीजेपी चौहत्तर और जेडीयू तैंतालीस सीटों पर सिमट गई थी। उस समय सरकार में बीजेपी के बाईस और जेडीयू के बारह मंत्री थे। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल बाईस नवंबर को खत्म हो रहा है। इस वजह से शपथ ग्रहण बुधवार या गुरुवार को होने की संभावना है।

क्या बिहार में खत्म हो गया ‘युवा जोश’, जानिए रिकॉर्डतोड़ मतदान का चौंकाने वाला सच और परिणाम

बीजेपी के सूत्र बताते हैं कि परिणाम आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष की एक छोटी बैठक हुई जिसमें सरकार गठन की दिशा पर चर्चा हुई। खबर है कि नीतीश कुमार एक बार फिर CM पद की शपथ ले सकते हैं और यह उनका दसवां कार्यकाल होगा। उपमुख्यमंत्रियों को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं हुई है। मौजूदा उपCM सम्राट चौधरी पर लगाए गए आरोपों और नामांकन पत्र से जुड़ी गड़बड़ी के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी मिलेगी या नहीं।

गांधी मैदान को शपथ ग्रहण कार्यक्रम का संभावित स्थल माना जा रहा है। नीतीश कुमार ने दो हजार पंद्रह में भी वहीं शपथ ली थी। सत्रह से बीस नवंबर तक मैदान आम लोगों के लिए बंद रहेगा। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है और एक भव्य मंच भी तैयार किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button