क्या पंजाब में सीएम बनने के लिए 500 करोड़ की रकम देनी पड़ती है, बयान से मचा बवाल

पंजाब में सीएम बनने को 500 करोड़ रुपए का सूटकेस देना पड़ता है। सीएम की कुर्सी सुरक्षित करने के लिए हमारे पास 500 करोड़ रुपए नहीं हैं। डॉ. नवजोत कौर ने यह सनसनीखेज बयान देकर पंजाब की सियासत में खलबली मचा दी है। सच बोलने की सजा डॉ. कौर को मिल गई है। किरकिरी होने पर कांग्रेस ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके बाद यह मामला और सुलग गया है।
क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी डॉ. कौर जाना पहचाना नाम हैं। यह दंपति मुखर होकर बोलने से कभी पीछे नहीं हटता। क्रिकेट से करियर की शुरुआत कर नवजोत सिंह ने खूब नाम कमाया। उनके दो रूप अक्सर देखने को मिलते रहे हैं। वह कभी बेहद गुस्सैल नजर आते हैं, कभी सबसे बड़े हंसौड़। फिलहाल वह राजनीति में सक्रिय नहीं हैं। उन्हें ‘द कपिल शर्मा शो’ में जज की भूमिका में भी देखा गया है। नवजोत सिंह सिद्धू का करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। क्रिकेट के मुकाबले वह राजनीति में ज्यादा लोकप्रिय नहीं हो पाए।
पंजाब की राजनीति में नहीं बन पाए बॉस
‘द कपिल शर्मा शो’ ने उन्हें नई पहचान दिलाई। इस शो के जरिए वह घर-घर में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे। पंजाब की राजनीति में ‘बिग बॉस’ बनने की सिद्धू की ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकी है। कांग्रेस का हाथ थाम कर वह न पार्टी को और ना खुद को सियासत के शिखर पर पहुंचने में सफल हो पाए। पंजाब का सीएम बनने की सिद्धू के मन की इच्छा अब सार्वजनिक हो चुकी है।
इसके चलते उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर के एक बयान ने कांग्रेस को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है। डॉ. कौर ने कहा है कि यदि कांग्रेस नवजोत सिद्धू को पार्टी का सीएम पद का उम्मीदवार घोषित करती है तो वह सक्रिय राजनीति में लौट आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से पांच नेता सीएम पद की दावेदारी कर रहे हैं, जो सिद्धू को आगे नहीं बढ़ने देंगे। इसी के साथ डॉ. कौर ने यह भी बता दिया कि सीएम पद पाने के लिए कितनी रकम देनी पड़ती है।
कांग्रेस के लिए खड़ी हो सकती हैं मुसीबतें
डॉ. कौर का यह बयान कांग्रेस के सामने मुसीबत का सबब बन चुका है। पार्टी की आंतरिक कलह उजागर होने के साथ ‘नोट के बदले पद’ मिलने की ढकी-छिपी नीति भी सामने आ गई है। छीछालेदर होने के बाद कांग्रेस के नेता सफाई देने में मशगूल हैं। वैसे डॉ. नवजोत कौर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर देने से सच्चाई पर पर्दा नहीं डाला जा सकता है। इस विवाद से इतर पंजाब में कांग्रेस की हालत अच्छी नहीं है। पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस-भाजपा की उम्मीदों पर पानी फेर सत्ता पर कब्जा कर लिया था। वर्तमान में भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार का संचालन हो रहा है। पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी भी चरम पर है।
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कई धड़े होने की वजह से पार्टी की स्थिति में सुधार होना संभव नहीं है। प्रत्येक गुट खुद को पार्टी हाईकमान के करीब होने का दावा करता रहा है। अन्य राज्यों की तरह पंजाब में भी कांग्रेस हाईकमान की इस समय ज्यादा दिलचस्पी नहीं है।
खास बात यह कि यदि डॉ. नवजोत कौर के दावे में दम है तो राजनीति की असलियत आम आदमी की सोच से कोसों दूर है। चूंकि जो व्यक्ति 500 करोड़ रुपए देकर सीएम जैसे महत्वपूर्ण पद पर आसीन होगा, भविष्य में उससे ईमानदारी पूर्वक काम करने की उम्मीद करना बेमानी है।



