पैतृक आवास पर प्रदर्शन का हुआ विरोध
ज्ञानेश के आगरा आवास पर प्रदर्शन के विरोध में माथुर वैश्य महासभा ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

जसवंतनगर,इटावा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास पर 28 सितंबर को हुए विरोध-प्रदर्शन और संपत्ति पर नारे लिखे जाने की घटना के संबंध में अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा की जसवंतनगर शाखा सभा ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन उपजिलाधिकारी जसवंतनगर के माध्यम से भेजा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान आवास के मुख्य द्वार और दीवार पर स्प्रे पेंट से नारे लिखे गए थे। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कांग्रेस के दो नेताओं को गिरफ्तार किया था।
राजेंद्र गुप्ता एडवोकेट की अगुवाई में दिए गए ज्ञापन में महासभा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त का पद देश की लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण पद है। लोकतंत्र में राजनीतिक दलों,संगठनों और नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी व्यक्ति के निजी आवास की गरिमा प्रभावित करने वाले कृत्यों से बचना भी लोकतांत्रिक मर्यादा का हिस्सा है। महासभा ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराने, घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, वीडियो,फोटो एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने तथा कानून का उल्लंघन प्रमाणित होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि भविष्य में किसी संवैधानिक पदाधिकारी अथवा उनके परिजनों के निजी आवास पर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था, नागरिकों की सुरक्षा और निजी आवास की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। महासभा ने राष्ट्रपति से ज्ञापन का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने और प्रकरण में कानून के अनुरूप निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।
ज्ञापन देने वालों में अशोक कुमार गुप्ता अध्यक्ष,रवि कुमार गुप्ता मंत्री,प्रमोद कुमार,राहुल गुप्ता,उमेश चंद्र गुप्ता और मनोज कुमार गुप्ता, राम गुप्ता,मणि शंकर गुप्ता,गौरव गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।



