कुदरत का कहर: बाढ़ और भूस्खलन से 54 मौतें, 10 लाख लोग पानी के बीच जीने को मजबूर

Cox’s Bazar landslide 2026: दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश में भारी बारिश और उसके बाद हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण आई भीषण बाढ़ से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक बच्चों समेत 54 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दस लाख से ज़्यादा लोग अलग-अलग इलाकों में फंसे हुए हैं और हज़ारों परिवारों की ज़िंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।

बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन मंत्रालय के अनुसार, तटीय ज़िले कॉक्स बाज़ार पर इसका सबसे बुरा असर पड़ा है। पिछले हफ़्ते लगातार हुई भारी बारिश के कारण इस इलाके में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ। खासकर रोहिंग्या शरणार्थी कैंपों में भूस्खलन से कई झुग्गियां कीचड़ में दब गईं, जिससे कई लोगों की जान चली गई।

रोहिंग्या कैंपों में भारी नुकसान

कॉक्स बाज़ार इलाके में दुनिया के सबसे बड़े रोहिंग्या शरणार्थी कैंप हैं। पहाड़ियों पर बनी ये अस्थायी बस्तियां भारी बारिश के कारण बेहद खतरनाक हो गई हैं। भूस्खलन ने कई परिवारों को बर्बाद कर दिया है और मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

ज़ोर-शोर से बचाव कार्य जारी

बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन, सेना और बचाव दल युद्ध स्तर पर राहत कार्य चला रहे हैं। हालांकि, मदद पहुंचाना मुश्किल हो रहा है क्योंकि कई गांव पूरी तरह कट गए हैं। कई जगहों पर कमर तक पानी भरा है, जबकि कुछ निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घरों की छतों तक पहुंच गया है। नतीजतन, हज़ारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।

दस लाख से ज़्यादा लोग मुश्किल में

आपदा प्रबंधन मंत्रालय के अनुसार, इन बाढ़ों के कारण दस लाख से ज़्यादा लोग अलग-अलग इलाकों में फंसे हुए हैं। कई परिवारों को भोजन, पीने के पानी और दवाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ पीड़ितों ने प्रशासन के राहत कार्यों पर असंतोष जताया है और शिकायत की है कि मदद बहुत धीमी गति से और अपर्याप्त मात्रा में मिल रही है।

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सामान्य जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त

भीषण बाढ़ से सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में बिजली और टेलीकम्युनिकेशन सेवाएं ठप हो गई हैं, और स्कूल व सरकारी दफ्तर बंद हैं। मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में और भारी बारिश की भविष्यवाणी के साथ, यह चिंता बनी हुई है कि हालात और बिगड़ सकते हैं।

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