शाहरुख-सलमान भी जो नहीं कर पाए, वो सुशांत ने कर दिखाया था

सुशांत सिंह राजपूत ने छोटे पर्दे से अपनी पहचान बनाना शुरू किया और जल्दी ही बॉलीवुड में अपनी अलग जगह बनाई। आउटसाइडर होते हुए भी उन्होंने साबित किया कि टैलेंट के सामने कोई दीवार नहीं टिक सकती। उनकी एक्टिंग ने सिर्फ दर्शकों को ही नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के बड़े नामों को भी प्रभावित किया।
14 जून 2020 को उनके अचानक निधन ने न सिर्फ फैंस बल्कि पूरी इंडस्ट्री को झकझोर दिया। उनके जाने के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म पर बहस छिड़ गई। कुछ स्टार्स ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की, जबकि कुछ इसके विरोध में रहे। लेकिन किसी को शक नहीं कि सुशांत की फैन फॉलोइंग आज भी उनकी यादों में जिन्दा है।
अंतरराष्ट्रीय पहचान और रिकॉर्ड
सुशांत सिर्फ बॉलीवुड तक ही सीमित नहीं थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई। 2017 में उन्होंने अमेरिकी सुपरमॉडल केंडल जेनर के साथ वोग इंडिया के लिए फोटोशूट किया। इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को जयपुर के सामोद पैलेस में फोटोग्राफर मारियो टेस्टिनो ने कैद किया।
इस शूट के जरिए सुशांत भारत के ऐसे पहले और इकलौते एक्टर बने जिन्होंने किसी अंतरराष्ट्रीय सुपरमॉडल के साथ काम किया। यह फोटोशूट वोग इंडिया के 10वें साल का खास अंक था और इसने सुशांत की ग्लोबल अपील को और मजबूत किया।
सुशांत की एक्टिंग और फैंस के दिलों में जगह
सुशांत का करियर टीवी से शुरू हुआ। उन्होंने ‘किस देश में है मेरा दिल’ में प्रीत जुनेजा का किरदार निभाया और फिर ‘पवित्र रिश्ता’ से घर-घर में पहचान बनाई। बॉलीवुड में उनका सफर ‘काई पो चे!’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘छिछोरे’, ‘दिल बेचारा’, ‘शुद्ध देसी रोमांस’ और ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी!’ जैसी फिल्मों तक फैला।
उनकी अदाकारी और खगोल विज्ञान में गहरी रुचि ने उन्हें और भी खास बनाया। फैंस आज भी उन्हें उनकी प्रतिभा और व्यक्तित्व के लिए याद करते हैं।
फैंस और फिल्म इंडस्ट्री पर प्रभाव
सुशांत की अचानक मौत ने लोगों के दिलों को छू लिया। उनकी फिल्मों और इंटरव्यूज ने कई युवा कलाकारों को प्रेरित किया। उनका करियर यह दिखाता है कि अगर जुनून और मेहनत हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
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उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान और भारतीय सिनेमा में योगदान ने यह साबित कर दिया कि टैलेंट और लगन की कोई सीमा नहीं होती।



