कौन हैं ये Satua Baba, जिनसे अधिकारी भी खाते हैं खौफ; तीन करोड़ की गाड़ी से घूमते हैं

Satua Baba का नाम अब केवल धार्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उनका प्रभाव सत्ता, समाज और राजनीति में बढ़ता जा रहा है।

Satua Baba: उत्तर प्रदेश की सियासत में हमेशा एक दिलचस्प पहलू देखा गया है वह है संतों और सत्ता के बीच के रिश्ते। जब भी इस विषय पर बात होती है कुछ नाम अनायास ही मीडिया की सुर्खियों में आ जाते हैं। इन दिनों एक और संत का नाम चर्चा में है जिनका असर केवल धार्मिक या आध्यात्मिक दुनिया तक सीमित नहीं है बल्कि सत्ता के गलियारों में भी हलचल मचा रहा है। ये नाम है सतुआ बाबा।

सत्ता के गलियारों में संत का प्रभाव

सतुआ बाबा का नाम सुनते ही कुछ लोग यह सोच सकते हैं कि यह एक आम संत हैं जिनका कार्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित है। लेकिन हकीकत इससे कहीं बढ़कर है। संतोष दास जिन्हें हम अब सतुआ बाबा के नाम से जानते हैं एक ऐसे संत हैं जिनकी पहचान सिर्फ धार्मिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। वे वाराणसी स्थित सतवा बाबा पीठ के प्रमुख हैं और वे कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सार्वजनिक मंचों पर देखे गए हैं। इस घनिष्ठता ने उन्हें सत्ता और समाज दोनों में एक खास पहचान दिलाई है।

माघ मेले में सुर्खियां

हाल ही में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने माघ मेले की तैयारियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डीएम मनीष वर्मा को मेला व्यवस्थाओं के बीच सतुआ बाबा के बारे में एक दिलचस्प टिप्पणी की। केशव मौर्य ने उन्हें यह सलाह दी कि वे मेला तैयारियों में व्यस्त रहते हुए सतुआ बाबा की ‘रोटी’ के चक्कर में न पड़ें। इस टिप्पणी ने Satua Baba के नाम को और तेज़ी से सुर्खियों में ला दिया।

एक आम संत से खास संत तक का सफर

बाबा का असली नाम संतोष तिवारी है और उनका जन्म उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के एक छोटे से गांव मसौरा में हुआ था। बेहद छोटी उम्र में ही संतोष ने अपने परिवार को छोड़ दिया और जीवन के आध्यात्मिक रास्ते पर चल पड़े। आज वे एक संत की पहचान के साथ-साथ समाज सेवा और आध्यात्मिक शिक्षा में भी योगदान दे रहे हैं।

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लग्जरी कार और ब्रांडेड चश्मे से आए सुर्खियो में

बता दें कि सतुआ बाबा की सार्वजनिक छवि ने हाल ही में एक नया मोड़ लिया जब उन्हें तीन करोड़ की लैंड रोवर डिफेंडर जैसी महंगी कार में और रेबैन जैसे ब्रांडेड चश्मे में देखा गया। इसने उन्हें मीडिया की नजरों में ला दिया और इसके बाद कई सवाल उठने लगे। हालांकि बाबा इस पर चुप्पी साधे रहे और उनका कहना था कि वे कार की कीमत के बारे में ज्यादा नहीं जानते लेकिन अगर लोग चाहें तो गूगल पर सर्च कर सकते हैं।

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