दो जिलों को जोड़ने वाली सड़क बनी दलदल
हर कदम पर हादसे का खतरा

जसवंतनगर,इटावा। जसवंतनगर विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगला तौर के मजरा लुंगे की मड़ैया के पास इटावा और आगरा जनपद को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क बदहाली की मिसाल बन गई है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बरसात का पानी भर जाने से पूरा मार्ग दलदल में तब्दील हो गया है। इससे राहगीरों, बाइक सवारों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि दुर्घटना का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में यमुना नदी पर ठेका से संचालित सफ़ेद यमुना नदी बालू खनन के कारण इस मार्ग पर दिन-रात भारी डंपरों का आवागमन होता है। लगातार भारी वाहनों के दबाव से सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़क किनारे बनी नालियां भी कई स्थानों पर टूट चुकी हैं, जिससे बरसाती पानी सड़क पर जमा होकर गड्ढों को और अधिक खतरनाक बना रहा है। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद प्रान्तीय खंड ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
यह सड़क सरामई, लुंगे की मड़ैया, नगला तौर, घुरहा, जाखन, पूंछरी, नगला सलहदी और नगला रामसुंदर समेत दर्जनों गांवों को आगरा जिले के बाह,फतेहाबाद, पिनाहट, जैतपुर क्षेत्र और प्रसिद्ध ब्रह्माणी देवी मंदिर से जोड़ती है। सड़क की खराब हालत के कारण आए दिन वाहन फंस रहे हैं और लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है।
ग्रामीण ओमप्रकाश फौजी, सुनील डीलर, रविंद्र, जितेंद्र, बबलू, जीवाराम, ब्रजेश, महेश, सुभाष और कमलेश ने सड़क की तत्काल मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क दुरुस्त नहीं कराई गई तो बरसात के दौरान हालात और बिगड़ जाएंगे तथा किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रांतीय खंड के जूनियर इंजीनियर अभिषेक कुमार ने बताया कि बरसात समाप्त होने के बाद सड़क के गड्ढे भरवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जहां जलभराव की समस्या है वहां सीसी रोड बनी हुई है,लेकिन नालियों की सफाई न होने से पानी जमा हो जाता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सड़क ऊंची करने और आवश्यक कार्यों का प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।



