चीनी-शराब से भी ज्यादा खतरनाक है आपके किचन में रखी ये चीज, आज ही फेंक दें बाहर

refined oil harmful effects: स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए लोग चीनी, सिगरेट और शराब जैसी चीजों से दूरी बनाने की कोशिश करते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एक ऐसी चीज भी है जो कई घरों में हर दिन इस्तेमाल होती है और इसके नुकसान को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। डॉक्टर सलीम जैदी ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में इसी मुद्दे पर जानकारी साझा की है।

डॉक्टर ने रिफाइंड ऑयल को बताया चिंता का कारण

डॉ. सलीम जैदी के अनुसार कई लोकप्रिय रिफाइंड ऑयल जैसे सनफ्लॉवर ऑयल, कैनोला ऑयल, सोयाबीन ऑयल, राइस ब्रान ऑयल और वनस्पति घी को बाजार में हेल्दी विकल्प के रूप में पेश किया जाता है। इनके पैकेट पर हार्ट हेल्दी और लाइट जैसे दावे भी लिखे होते हैं। हालांकि डॉक्टर का कहना है कि ये तेल शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।

रिफाइंड ऑयल को लेकर क्या है चिंता?

विशेषज्ञ के मुताबिक रिफाइंड ऑयल तैयार करने की प्रक्रिया में बीजों को 200 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर गर्म किया जाता है और केमिकल सॉल्वेंट का उपयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान ऐसे तत्व बन सकते हैं जो शरीर में सूजन बढ़ाने का काम करते हैं। डॉक्टर का दावा है कि इससे हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

वनस्पति घी को बताया सबसे ज्यादा नुकसानदायक

डॉ. जैदी का कहना है कि अगर किसी की रसोई में वनस्पति घी या डालडा का नियमित इस्तेमाल हो रहा है तो उसे सावधान रहने की जरूरत है। यह हाइड्रोजेनेटेड ऑयल होता है जिसमें ट्रांस फैट की मात्रा अधिक होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार ट्रांस फैट स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माने जाते हैं और यह हार्ट अटैक के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

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कुकिंग के लिए कौन सा विकल्प बेहतर?

डॉक्टर की सलाह है कि रिफाइंड ऑयल और वनस्पति घी की जगह देसी घी या सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इनका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। उनका मानना है कि यह छोटा बदलाव लिवर, हार्ट और ब्रेन की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है और लंबे समय तक स्वस्थ रहने में सहायक हो सकता है।

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