Rang Teras 2026: जानें ये कब और क्यों मनाया जाता है

Rang Teras 2026: चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाने वाला रंग तेरस भारतीय त्योहारों में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व न केवल रंगों की छटा लिए होता है बल्कि आस्था और समर्पण का प्रतीक भी है। खास बात यह है कि रंग तेरस भगवान श्रीनाथजी को समर्पित है।

राजस्थान में रंग तेरस का उत्सव

उदयपुर और नाथद्वारा में यह पर्व बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। नाथद्वारा में दूर-दूर से भक्त श्रीनाथजी के दर्शन के लिए आते हैं। स्थानीय लोग विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और आयोजन करते हैं। इस दिन मेला और उत्सव का माहौल पूरे शहर में दिखाई देता है।

कब है रंगतेरस

साल 2026 में रंग तेरस मंगलवार, 17 मार्च को पड़ रहा है। भक्त इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए तैयार रहते हैं।

रंग तेरस का मूल उद्देश्य भगवान श्री कृष्ण के श्रीनाथ स्वरूप की पूजा करना है। देशभर में भक्त उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए उत्सुक रहते हैं। राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में खास तौर पर इस दिन रंगीन मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें लोग अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शामिल होते हैं।

क्या है इस पर्व का महत्व

इस पर्व का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि किसान धरती माता का धन्यवाद अदा करने के लिए विशेष पूजा और मेले का आयोजन करते हैं। गेहूं की फसल और जीवन की आवश्यक वस्तुओं के लिए आभार व्यक्त करने की परंपरा इस दिन निभाई जाती है। यह रिवाज 15वीं शताब्दी से चला आ रहा है और समय के साथ इसकी भव्यता और रंगत और बढ़ती गई है।

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रंग तेरस सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक धरोहर को भी मजबूत करता है। मेले में लोग पारंपरिक नृत्य, संगीत और हस्तकला का आनंद लेते हैं। यह अवसर स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी मजबूती प्रदान करता है।

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