मिलावटी पनीर बनाने वाली तीन डेयरियों पर छापा, 1038 किलो पनीर-खोया नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 20 नमूने जांच के लिए भेजे; मिलावटी सामग्री भी जब्त

गाजियाबाद। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के आयुक्त और जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने भोजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नाहली में तीन पनीर निर्माण इकाइयों पर देर रात छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पनीर और खोया निर्माण में कथित तौर पर मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक अपमिश्रकों एवं रसायनों के इस्तेमाल के प्रमाण मिले। टीम ने मौके पर 868 किलोग्राम पनीर और 170 किलोग्राम खोया नष्ट कराया।
12 और 13 अगस्त की मध्यरात्रि करीब 11 बजे मैसर्स तोमर डेयरी, कलवा डेयरी और शकील डेयरी पर एक साथ कार्रवाई की गई। शकील डेयरी में मिल्क पाउडर, वनस्पति, रानीपाल (व्हाइटनिंग एजेंट) और अन्य अपमिश्रक रसायन मिले। कलवा डेयरी से रिफाइंड पामोलीन ऑयल एवं अपमिश्रक रसायन तथा तोमर डेयरी से वनस्पति और सफेद पाउडर बरामद किया गया। टीम के अनुसार इन सामग्री का इस्तेमाल पनीर निर्माण में किया जा रहा था।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तीनों इकाइयों से पनीर, खोया, वनस्पति, स्किम्ड मिल्क पाउडर, रिफाइंड पाम ऑयल, एसिटिक एसिड, सफेद चूर्ण, रानीपाल, दूध और क्रीम समेत कुल 20 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए। नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
निरीक्षण के दौरान तीनों निर्माण परिसरों में भारी गंदगी और अस्वच्छता मिली। खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए 868 किलोग्राम पनीर, जिसकी अनुमानित कीमत 2,11,880 रुपये है, और 170 किलोग्राम खोया, जिसकी अनुमानित कीमत 50,800 रुपये है, मौके पर ही नष्ट कराया गया।
इसके अलावा पनीर और खोया निर्माण में इस्तेमाल के लिए रखे गए 25 किलोग्राम सफेद पाउडर, चार किलोग्राम वनस्पति और 153 किलोग्राम रिफाइंड पामोलीन ऑयल को जब्त कर लिया गया।
मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक अपमिश्रकों के इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए तीनों डेयरी संचालकों के खिलाफ थाना भोजपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है।



