Rahul gandhi press conference 2025: राहुल गांधी के तेवर

राहुल गांधी ने 2025 की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग व मोदी सरकार पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए। जानिए इस राजनीतिक हमले का पूरा विश्लेषण।

Rahul gandhi press conference 2025: केंद्र सरकार और भारतीय चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुहिम रुक नहीं रही है। सरकार और चुनाव आयोग के प्रति उन्होंने हमलावर रुख अपना रखा है। वोट चोरी का मुद्दा वह जोर-शोर से उठाने में मशगूल हैं। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर एक बार फिर जुबानी हमला किया है। सीईसी पर लोकतंत्र की तबाही पर आमादा और वोट चोरी में संलिप्त दोषियों को बचाने का आरोप मढ़ दिया गया है। कांग्रेस सांसद का दावा है कि पिछले दस साल से देश के हर राज्य में वोट चोरी का खेल चल रहा है।

खासकर कांग्रेस समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत में कांग्रेस सबसे पुरानी पार्टी है। पिछले कुछ समय से वह वोट चोरी की मुहिम छेड़कर मोदी सरकार को घेरने की हर संभव कोशिश कर रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में ये मुहिम चल रही है। वोट चोरी से पहले कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल पूर्व में ईवीएम विरोधी अभियान चलाते रहे हैं।

विपक्षी दलों को आज भी ईवीएम पर भरोसा नहीं है। ईवीएम के जरिए मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप गाहे-बगाहे लगाए जाते रहे हैं। वैसे कांग्रेस को चुनाव आयोग के अलावा सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों पर भी भरोसा नहीं है। सीबीआई तथा ईडी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। राहुल गांधी जोश में आकर कई बार ऐसे आरोप लगा देते हैं, जिसके कारण उन्हें उपहास का कारण बनना पड़ता है। इस बार भी उन्होंने एक ऐसे विधानसभा क्षेत्र में वोट चोरी के आरोप मढ़ दिए हैं, जहां कांग्रेस का विधायक है।

ये भी पढ़ें- Bihar assembly election 2025: बिहार चुनाव में 5 बड़े बदलाव, मतदाता होंगे सबसे ज्यादा फायदा

यानी अपनी बात को दमदार तरीके से रखने से पहले उन्होंने पर्याप्त होमवर्क नहीं किया था। पहले ईवीएम पर सवाल उठाकर और अब वोट चोरी की मुहिम चलाकर कांग्रेस आखिर क्या हासिल करना चाहती है? क्या इस प्रकार से मुद्दों से आम जनता प्रभावित हो सकेगी?

जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी जिस मुहिम में अपनी ऊर्जा खपा रहे हैं, उससे सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस के समर्थकों को संतुष्टि मिल सकेगी। आम जनता को अपनी समस्याओं का हल और सुविधाएं चाहिए। महंगाई, भ्रष्टाचार, अपराध व बेरोजगारी दूर हो सके, ऐसी मुहिम विपक्ष को छेड़नी चाहिए। इससे आमजन का ध्यान विपक्ष अपनी तरफ आकर्षित कर पाएगा।

दरअसल अगले कुछ माह में बिहार व पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर कांग्रेस वोट चोरी के मुद्दे को उठाकर जनता को यह भरोसा दिलाना चाहती है कि भाजपा सत्ता में आने के लिए व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी कर सकती है। देखा जाए तो फिलवक्त मोदी सरकार को बड़ी चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। यह चुनौतियां घर के भीतर और बाहर दोनों तरफ से मिल रही हैं। एक तरफ अमेरिका ने मनमाना टैरिफ लगाकर भारत की अर्थव्यवस्था को चुनौती दे रखी है, दूसरी ओर कांग्रेस वोट चोरी के मसले को हवा देकर सरकार की छवि को पलीता लगाने पर आमादा है।

पाकिस्तान-सऊदी अरब के बीच नए रक्षा समझौते ने नई दिल्ली के लिए नई चिंता पैदा कर दी है। इन दोनों देशों ने इस प्रकार का समझौता किया है, यदि कोई देश पाकिस्तान पर हमला करता है तो वह हमला सऊदी अरब पर भी माना जाएगा। अलबत्ता घरेलू एवं बाहरी चुनौतियों से निपटने में मोदी सरकार को भी ज्यादा ऊर्जा खर्च करनी पड़ रही है। (Rahul gandhi press conference 2025)

Related Articles

Back to top button