नवाचार आधारित प्रशासनिक सुधार प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री कार्यालय का संज्ञान

नई दिल्ली। प्रशासनिक सुधार एवं जनसेवा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रस्तुत एक नवाचार आधारित प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा संज्ञान लिया गया है। घाना स्थित सामाजिक विकास विशेषज्ञ एवं भारत के चिंतित नागरिक नरेश चंद्र शुक्ला द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए “24 घंटे AM/PM गवर्नेंस मॉडल” संबंधी सुझाव पर प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रत्युत्तर प्राप्त हुआ है।
प्रस्ताव में सरकारी कार्यालयों, न्यायालयों, राजस्व विभाग, परिवहन कार्यालयों, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य जनसेवा संस्थानों को AM एवं PM दो शिफ्टों में संचालित करने की अवधारणा प्रस्तुत की गई है। श्री शुक्ला के अनुसार इस व्यवस्था के लागू होने से आम नागरिकों को सुविधाजनक, समयबद्ध एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी, साथ ही प्रशासनिक दक्षता और कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि “24 घंटे AM/PM गवर्नेंस मॉडल” के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं तथा सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इससे जनसेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और नागरिकों को लंबी प्रतीक्षा एवं अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय से प्राप्त प्रत्युत्तर को इस विषय पर सकारात्मक संस्थागत संज्ञान के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक सुधार एवं सुशासन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के नवाचार आधारित सुझाव विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने तथा जनकेंद्रित शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



