ईरान को परमाणु हथियार न दें; वो पल भर में मचा देगा तबाही, ट्रंप ने NATO को चेताया

Middle East Crisis 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इस बात पर ज़ोर दिया कि उनका मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार वाला देश बनने से रोकना है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार आ गए, तो इससे पूरी दुनिया को गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। इसलिए, ट्रंप ने NATO देशों से कहा कि ईरान पर कड़े प्रतिबंध और लगातार दबाव बनाए रखना बहुत ज़रूरी है।

ट्रंप को सता रहा है ये डर

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “आप ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाज़त नहीं दे सकते, क्योंकि वे सबसे पहले उनका इस्तेमाल इज़रायल के खिलाफ करेंगे। उसके बाद, वे अपना निशाना मध्य-पूर्व और यूरोप की ओर मोड़ेंगे। मुझे पूरा यकीन है कि उनका अगला निशाना अमेरिका होगा। हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे। अगर ईरान एक परमाणु शक्ति बन गया, तो यह न सिर्फ़ किसी एक देश के लिए, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए तबाही ला सकता है।” ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी कि ईरान को परमाणु हथियार वाला देश बनने से रोकने के लिए, अमेरिका किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

ईरान के अंदरूनी हालात पर टिप्पणी करते हुए, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि देश की सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान की रक्षा प्रणाली अब सिर्फ़ नाम की रह गई है। उन्होंने बताया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना अब युद्ध लड़ने लायक नहीं रही हैं। इसके अलावा, ईरान के रडार और विमान-रोधी (anti-aircraft) प्रणालियों को भी बेअसर कर दिया गया है। सैन्य अभियानों के दौरान ईरान के कई अहम नेता या तो मारे गए हैं या फिर वे काम करने लायक नहीं रहे, जिससे आदेश देने के लिए ज़रूरी ‘कमांड चेन’ ही खत्म हो गई है।

ईरान पर नाकेबंदी जारी, ट्रंप की ‘नई योजना’ का खुलासा; संकेत मिल रहे हैं कि फिर से भड़क सकता है संघर्ष

ट्रंप ने इस बात पर भी रोशनी डाली कि ईरान के अंदरूनी हिस्सों में इस समय सत्ता के लिए आपसी संघर्ष चल रहा है। ट्रंप ने कहा, “ईरान का नेतृत्व अब एकजुट नहीं रहा; देश के अंदर इस समय तीन से चार अलग-अलग गुट सक्रिय हैं। भले ही हर गुट किसी समझौते पर पहुँचने को तैयार हो, लेकिन उनके बीच आम सहमति न होने की वजह से बातचीत के दौरान अफरा-तफरी मच जाती है। इस अंदरूनी उथल-पुथल के चलते, ईरान अमेरिका के सामने कोई ठोस और संतोषजनक प्रस्ताव पेश करने में नाकाम रहा है।”

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