शादी के बाद भी कुछ लोगों को ज़िंदगी में इंटरेस्ट क्यों नहीं रहता, कुंडली में इस ग्रह की जांच ज़रूर करवाएं

Marriage Astro: शादी के बाद जब असली दुनिया शुरू होती है, तो इंसान एक-दूसरे को सही मायने में जान पाता है। यह देखना ज़रूरी है कि शादी से पहले “मैं यह करूँगा, मैं वह करूँगा” जैसे वादे करने वाले इंसान असल हालात में कैसे पेश आते हैं।
हालांकि यह सच है कि ज़िंदगी आखिर में एक समझौता है, मगर कई मर्द और औरतें उस ज़िंदगी में दिलचस्पी नहीं रखते जो उन्होंने खुद बनाई है। ज़िंदगी, घर और परिवार दोनों का है। इसके लिए सिर्फ़ पैसा कमाना ही ज़रूरी नहीं है, बल्कि दुनिया में बच्चों की ज़िम्मेदारियाँ, मेहमान, रिश्तेदार, त्योहार और घर के कामों में हिस्सा लेना भी ज़रूरी हो जाता है। रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कामों का बँटवारा भी जैसे बच्चों को तैयार होने में मदद करना, उन्हें स्कूल छोड़ना, अगर घर पर कोई मदद करने न आए तो घर की औरत के काम में मदद करना- अगर बिना कहे किया जाए, तो उस दुनिया में सच्ची मिठास है।
उम्मीद की जाती है कि ज़िंदगी के हर उतार-चढ़ाव में हम एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ेंगे। वो दिन गए जब कहा जाता था, “ये काम औरतों के हैं और ये मर्दों के।” घर सबका है, तो सारे काम भी सबके होने चाहिए।
शादी के बाद मन ना लगना है इस ग्रह का दोष
ज्योतिष की नज़र से, ‘चाँद’ ग्रह ही दुनिया को चलाता है। इसका कारण यह है कि हम चाँद को प्यार और मन का प्रतीक मानते हैं। चाँद आम लोगों के मन को प्यारा होता है। शांत और अच्छे स्वभाव वाले लोग दुनिया के लिए खुद को समर्पित करते हैं, एक-दूसरे के लिए जीते हैं, और अपनी सभी ज़िम्मेदारियों और कर्तव्यों को पूरा करते हैं; तो यह कहना गलत नहीं होगा कि उनका चाँद अच्छी हालत में है।
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इसके उलट, जब कुंडली में चाँद खराब होता है, तो घर में मन नहीं लगता। परिवार की ज़िम्मेदारियाँ पूरी न होने की वजह से घर में अक्सर झगड़े होते रहते हैं। इसमें गलती औरत या मर्द किसी की भी हो सकती है। प्यार देने पर ही मिलता है, और इज़्ज़त पाने वाला व्यवहार भी करना चाहिए। अगर चांद खराब हो तो इंसान को अपने मन की बात नहीं पता होती; फैसले लेने की क्षमता, कॉन्फिडेंस और अकड़ की कमी होती है। ऐसे लोगों को लगातार किसी के सहारे की ज़रूरत होती है और उनमें ज़िम्मेदारी लेने की मेंटल ताकत नहीं होती।



