Holashtak 2026 में कब है, जानें किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
Holashtak 2026 Start Date: होलाष्टक 2026 कब से कब तक रहेगा और इस दौरान शुभ कार्य क्यों टालने चाहिए। जानें पंचांग अनुसार तिथियां, ग्रहों का प्रभाव।
Holashtak 2026 Start Date: होलाष्टक हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से शुरू होता है और पूर्णिमा तक चलता है। इस दौरान ज्योतिष के मुताबिक कोई भी अच्छा कार्य करने की सलाह नहीं दी जाती। एक्सपर्ट मानते हैं कि यदि गलती से कोई बड़ा निर्णय या उत्सव इस समय कर लिया जाए, तो इसके परिणाम अच्छे नहीं होते।
होलाष्टक 2026 की तिथियां (holashtak kab se hai 2026)
ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी के अनुसार, इस साल होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी, मंगलवार को सुबह 7:01 बजे से हो रही है। यह अवधि 25 फरवरी, बुधवार को सुबह 4:51 बजे तक रहेगी। इस हिसाब से उदय काल के अनुसार होलाष्टक 24 फरवरी से प्रभावी है।
समापन की बात करें तो फाल्गुन पूर्णिमा के दिन यानी 2 मार्च, सोमवार को शाम 5:55 बजे से पूर्णिमा तिथि शुरू होगी और 3 मार्च, मंगलवार को शाम 5:07 बजे समाप्त होगी। इसका अर्थ है कि होलाष्टक का समापन 3 मार्च, मंगलवार को हो जाएगा।
क्या क्या सावधानियां बरतनी चाहिए
डॉ. मृत्युञ्जय बताते हैं कि इस दौरान ग्रह उग्रावस्था में रहते हैं। ऐसे समय में किसी भी प्रकार के नए काम या बड़े फैसले करने से बचना चाहिए। ग्रहों की उग्र स्थिति के कारण सफलता की संभावना कम होती है और बाधाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए व्यापारी, गृहस्थ और विद्यार्थी सभी को इस समय में जरूरी निर्णय टालने की सलाह दी जाती है।
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पौराणिक कथाओं में प्रह्लाद और होलिका की कहानी होलाष्टक से जुड़ी हुई है। राजा हिरण्यकश्यप अपने पुत्र प्रह्लाद के विष्णु भक्ति से क्रोधित रहता था और उसे कई कठिनाइयों से गुजरना पड़ा। हाथी के पैरों के नीचे कुचलने, पहाड़ से फेंकने और आग में जलाने जैसी कई प्रयासों के बावजूद प्रह्लाद सुरक्षित रहे। यही आठ दिनों की कठिनाइयां होलाष्टक में घटित हुईं और इन्हीं वजहों से इसे अशुभ माना जाता है।



