अमेरिकी युद्धपोतों को समुद्र में दफन कर देंगे, ईरान की ट्रंप को खुली धमकी

Donald Trump Iran warning 2026: पश्चिम एशिया में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्ते बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के भूमिगत ठिकानों पर नए सैन्य हमलों की चेतावनी दिए जाने के बाद तेहरान से सीधी और तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य इकाई ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने खुली चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ईरान अमेरिका और इजराइल के किसी भी संयुक्त या अकेले हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। सैन्य अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि अमेरिका ने सीधे युद्ध में अपने नौसैनिक युद्धपोतों को झोंका, तो ईरानी मिसाइलें उन्हें समुद्र की गहराई में दफन कर देंगी।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट अल जजीरा ने ईरानी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ के हवाले से बताया कि आईआरजीसी के राजनीतिक मामलों के उप प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल यादुल्लाह जवनी ने सेना की युद्ध तैयारियों की पुष्टि की है। जनरल जवनी ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल इस पुख्ता आकलन के आधार पर सक्रिय हैं कि अमेरिका या इजराइल किसी भी क्षण दुस्साहस कर सकते हैं।
उन्होंने साफ किया कि दुश्मन किसी मुगालते में न रहे, ईरान को अचानक चौंकाया नहीं जा सकता। सैन्य क्षमताएं पहले की तुलना में कई गुना मजबूत हो चुकी हैं और किसी भी संभावित खतरे की आहट मिलते ही जवाबी मिसाइल हमले शुरू हो जाएंगे। जवनी ने सख्त लहजे में आगाह किया कि यदि किसी भी विदेशी ताकत ने ईरानी जमीन पर पैर रखने की कोशिश की, तो वह क्षेत्र दुश्मन के लिए मौत का मैदान साबित होगा।
ईरान के सुरक्षा प्रमुख ने दिखाए कड़े तेवर
इस बीच ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने भी तेवर कड़े करते हुए कहा कि हमले की सूरत में ईरान अपने उन उन्नत और गुप्त हथियारों का इस्तेमाल करेगा जो अब तक सामने नहीं लाए गए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कूटनीतिक समाधान केवल तभी संभव है जब ईरान द्वारा रखी गई सात अनिवार्य शर्तों को माना जाए। रेजाई ने कहा कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के आह्वान ने सशस्त्र बलों के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो आवास पर संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए दावा किया कि ईरानी सेना की कमर पहले ही तोड़ी जा चुकी है। ट्रंप ने कहा कि हालांकि जंग टालने के लिए वार्ताएं जारी हैं और अमेरिका को जल्दबाजी में कोई आक्रामक कदम उठाने की जरूरत नहीं है, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह नेस्तनाबूद करना प्राथमिकता है।
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ट्रंप ने संदिग्ध भूमिगत परमाणु ठिकाने का जिक्र करते हुए सख्त चेतावनी दी कि ‘पिकएक्स माउंटेन’ पर अभी भी नजरें टिकी हैं और वहां किसी भी समय सटीक एयरस्ट्राइक की जा सकती है। हालांकि तेहरान ने पिकएक्स माउंटेन पर किसी भी तरह की गुप्त परमाणु गतिविधि चलने के आरोपों को सिरे से खारिज किया है।



