बंदरों का आतंक: बैनामा लेखक को काटा
मॉडल तहसील में पानी की टंकियों के ढक्कन तोड़कर पानी करते हैं दूषित

जसवंतनगर,इटावा। नगर क्षेत्र में बंदरों का आतंक लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। गुरुवार को मॉडल तहसील परिसर में बंदर ने बैनामा लेखक मानसिंह को काट लिया। हमले में घायल मानसिंह उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे,जहां उन्होंने दवा ली। वहीं,रेलमंडी स्थित संकट मोचक मंदिर परिसर में सात-आठ साल की बच्ची पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने दौड़कर बच्ची को बंदरों से बचाया। घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
मानसिंह ने बताया कि वह कई वर्षों से मॉडल तहसील में बैनामा लेखक का कार्य कर रहे हैं। तहसील परिसर में बड़ी संख्या में बंदर घूमते रहते हैं। आए दिन बंदर लोगों का सामान छीनने,उन पर झपटने और उत्पात मचाने की घटनाएं करते हैं। उन्होंने बताया कि बंदरों के आतंक की शिकायत स्थानीय प्रशासन से कई बार की जा चुकी है,लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
उन्होंने बताया कि मॉडल तहसील भवन पर पेयजल के लिए रखी पानी की टंकियों के ढक्कन भी बंदर तोड़ देते हैं। बंदर टंकियों में नहाने के साथ पानी को दूषित कर देते हैं। इसके बावजूद तहसील आने वाले फरियादियों और अन्य लोगों को इसी पानी का इस्तेमाल करना पड़ता है। टंकियों के ढक्कन कई बार ठीक कराए गए, लेकिन बंदरों के उत्पात के कारण समस्या फिर खड़ी हो जाती है।
इधर,रेलमंडी स्थित संकट मोचक मंदिर परिसर में बच्ची पर बंदरों के हमले की घटना सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। बताया गया कि बच्ची मंदिर परिसर में थी,तभी अचानक बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। लोगों ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को बचाया और बंदरों को भगाया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मंदिर परिसर में बंदरों की समस्या को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक,मॉडल तहसील और संकट मोचक मंदिर के अलावा क्षेत्र के कई सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर भी बंदरों के झुंड लगातार दिखाई देते हैं। लोगों ने नगर पालिका और प्रशासन से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की सुरक्षा और पेयजल टंकियों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।



