महिलाओं में हार्ट अटैक से पहले दिख सकते हैं ये 5 संकेत, गैस समझकर न करें नजरअंदाज

Silent Heart Attack Symptoms in Women: आजकल बदलती जीवनशैली और तनाव के कारण हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, विशेषकर युवाओं और महिलाओं में बढ़ता जोखिम बेहद चिंताजनक है। अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या दिल का दौरा अचानक बिना किसी चेतावनी के आता है या शरीर पहले से कुछ खतरे की घंटियां बजाने लगता है? कार्डियोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, हार्ट अटैक आने से कई दिन या हफ्ते पहले शरीर स्पष्ट संकेत देने लगता है।
हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती यह है कि पुरुषों और महिलाओं में दिल के दौरे के लक्षण काफी अलग होते हैं। महिलाओं में यह लक्षण इतने सूक्ष्म और सामान्य होते हैं कि ज्यादातर लोग इन्हें साधारण गैस, ब्लोटिंग, बीपी का उतार-चढ़ाव या रोजमर्रा की थकान मानकर टाल देते हैं, जो वास्तव में ‘साइलेंट हार्ट अटैक’ का गंभीर रूप हो सकता है।
1. 8 घंटे की भरपूर नींद के बाद भी लगातार भारी थकान
अगर आप रात में पूरी और अच्छी नींद ले रही हैं, फिर भी सुबह उठते ही शरीर में असामान्य और भारी थकान बनी रहती है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। यह थकान अचानक एक दिन में नहीं आती, बल्कि दिल की धमनियों में रुकावट बढ़ने के कारण हार्ट अटैक आने से हफ्तों पहले धीरे-धीरे शरीर को जकड़ने लगती है। जब सीढ़ियां चढ़ने या घर के छोटे-मोटे रोजमर्रा के काम करने में भी सांस फूलने लगे और शरीर में ऊर्जा की भारी कमी महसूस हो, तो इसे सामान्य कमजोरी न समझें और फौरन कार्डियोलॉजिस्ट से संपर्क करें।
2. रात को अचानक नींद का खुलना और बेचैनी-घबराहट
रात के समय बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक नींद का टूट जाना, बिस्तर पर करवटें बदलना और दिल की धड़कन तेज होने के साथ अजीब सी घबराहट महसूस होना गंभीर संकेत है। कई महिलाएं इसे दिनभर के कामकाज का तनाव या एंग्जायटी समझकर अनदेखा कर देती हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह लक्षण दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सीजन न पहुंचने का परिणाम हो सकता है। यदि यह समस्या कई दिनों तक लगातार बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सीय जांच करानी चाहिए।
3. सीने के बजाय जबड़े, गर्दन और दांतों में खिंचाव या दर्द
पुरुषों में हार्ट अटैक का सबसे प्रमुख लक्षण सीने के बीचों-बीच तेज दबाव और दर्द होता है, लेकिन महिलाओं के मामले में यह जरूरी नहीं है। हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अधिकांश महिलाओं को सीने में तेज दर्द नहीं होता, बल्कि दर्द जबड़े के निचले हिस्से, दांतों, गले या गर्दन में खिंचाव और भारीपन के रूप में उठता है। कई महिलाएं इसे दांत का दर्द, सर्वाइकल या थायरॉइड से जुड़ी समस्या समझकर पेनकिलर खा लेती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
4. बिना मेहनत ठंडा पसीना छूटना और उल्टी जैसा मन होना
यदि आप बिना कोई भारी शारीरिक काम किए या सामान्य तापमान वाले कमरे में बैठी हैं और अचानक ठंडा पसीना छूटने लगे, साथ ही चक्कर आने या जी मिचलाने (उल्टी जैसा महसूस) लगे, तो यह दिल पर पड़ रहे अत्यधिक दबाव का साफ संकेत है। अमूमन महिलाएं इसे पेट में गैस, अपच या लो बीपी मानकर घरेलू नुस्खे आजमाने लगती हैं। जब भी इन लक्षणों के साथ सांस लेने में हल्की सी भी तकलीफ हो, तो बिना समय गंवाए आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
5. दोनों कंधों के बीच और ऊपरी पीठ में असहनीय दर्द
पीठ के ऊपरी हिस्से, विशेषकर दोनों कंधों की हड्डियों (शोल्डर ब्लेड्स) के ठीक बीच में अचानक तेज खिंचाव, चुभन या भारी दबाव महसूस होना महिलाओं में होने वाले साइलेंट हार्ट अटैक का एक बहुत बड़ा और आम लक्षण है। पुरुषों में यह लक्षण बेहद दुर्लभ होता है, लेकिन महिलाओं में ब्लॉकेज के समय दर्द रीढ़ और कंधों के बीच की नसों में रेडिएट (फैलता) होता है। इसे साधारण मांसपेशियों का खिंचाव समझकर बाम या स्प्रे से दबाने की गलती न करें।
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महिलाएं अक्सर परिवार की देखभाल में खुद की सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। जबड़े का दर्द, पीठ का खिंचाव, घबराहट या उल्टी को बीपी, थायरॉइड, ब्लोटिंग या एसिडिटी मानकर नजरअंदाज करना सबसे बड़ी चूक साबित होती है। दिल की बीमारी में समय पर लिया गया फैसला ही जान बचाता है। यदि शरीर में इनमें से कोई भी असामान्य संकेत लगातार नजर आ रहे हैं, तो तुरंत ईसीजी (ECG), इकोकार्डियोग्राफी या जरूरी हृदय जांच करवाकर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित कदम है।



