डॉ. बन्ने मियां का 29वां सालाना उर्स मुबारक सम्पन्न, अदबो-ए-एहतराम के साथ उर्स सम्पन्न हुआ

इटावा। शहर के साबितगंज स्थित दरगाह चिश्तिया नईमियां पर हजरत डॉ.एनुन्नईम उर्फ डॉ.बन्ने मियां चिश्ती रह. का दो दिवसीय 29वां सालाना उर्स मुबारक अकीदत और अदबो-ए-एहतराम के साथ सम्पन्न हुआ। उर्स में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अलावा राजस्थान,मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे और मजार शरीफ पर हाजिरी देकर चादरपोशी व दुआएं कीं।

उर्स का शुभारंभ बाद नमाज-ए-जौहर कुरआन ख्वानी से हुआ। इसके बाद आस्ताना आलिया समदिया फफूंद शरीफ, औरैया के सज्जादानशीन हजरत सैयद मुहम्मद अख्तर चिश्ती ने मजार शरीफ पर संदल शरीफ एवं चादरपोशी की। इसके बाद जायरीन की ओर से चादर पेश करने का सिलसिला देर तक जारी रहा।

दरगाह को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था,जिससे पूरा परिसर आकर्षण का केंद्र बना रहा। जयपुर,आगरा सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे अकीदतमंदों ने मजार शरीफ पर चादर पेश कर अपनी अकीदत का इजहार किया।

जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी में अमन-भाईचारे का संदेश

बाद नमाज-ए-ईशा जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी की महफिल आयोजित हुई। आस्ताना आलिया समदिया चिश्तिया फफूंद शरीफ के वली अहद हजरत अल्लामा व मौलाना सैयद नवाज अख्तर चिश्ती (चिश्ती मियां) ने सीरत-ए-नबी, दीन-ए-इस्लाम, शिक्षा, अच्छे अखलाक और देश में अमन-भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार,चरित्र और इंसानियत की सीख हासिल करनी चाहिए। युवाओं को मेहनत और शिक्षा के माध्यम से परिवार,समाज और देश की तरक्की में योगदान देना चाहिए। उन्होंने हजरत डॉ.बन्ने मियां रह. की धार्मिक एवं सामाजिक सेवाओं को याद करते हुए उनकी शिक्षाओं पर अमल करने की अपील की।

मौलाना फुरकान रजा, खतीब व इमाम मस्जिद डॉ.बन्ने मियां ने समाज में फैली बुराइयों से बचने तथा मोहब्बत,भाईचारे और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

उर्स के एक दिन पूर्व शबे-बन्दा नवाज की महफिल का आयोजन किया गया। इसमें हजरत बन्ने मियां मस्जिद के मकतब में शिक्षा हासिल करने वाले बच्चों ने नात-ए-पाक और मनकबत पेश की। बच्चों की प्रस्तुतियों को मौजूद अकीदतमंदों ने खूब सराहा और उनकी हौसला-अफजाई की।

महफिले में सूफियाना कलाम से बांधा समां

उर्स के दौरान आयोजित महफिले समा में फफूंद शरीफ के कव्वाल दिलशाद तथा बच्चा पार्टी फिरोजाबाद ने सूफियाना कलाम और मनकबत पेश की। देर रात तक चली महफिल में बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

कुल शरीफ के अवसर पर हजरत सैयद अख्तर मियां सज्जादानशीन ने फातिहा पेश की। इस दौरान देश में अमन-शांति,भाईचारे, खुशहाली और सभी जायरीन के लिए विशेष दुआ की गई। उर्स में शामिल अकीदतमंदों के लिए लंगर की भी व्यवस्था की गई।

कई राज्यों से पहुंचे अकीदतमंद

डॉ.बन्ने मियां के उर्स में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा जयपुर, लखीमपुर,ग्वालियर, भिंड,झांसी सहित कई स्थानों से जायरीन पहुंचे। अकीदतमंदों ने मजार शरीफ पर हाजिरी देकर चादरपोशी की और मुल्क में अमन व खुशहाली के लिए दुआ मांगी।

उर्स के सफल आयोजन में दरगाह से जुड़े खादिमों और जिम्मेदारों ने व्यवस्थाएं संभालीं। बाहर से आने वाले जायरीन के ठहरने,लंगर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी इंतजाम किया गया।

अंत में दरगाह के मुहम्मद इनाम उल्लाह चिश्ती, मुहम्मद नदीम अहमद बरकाती,मुहम्मद फैसल चिश्ती एवं जुमला खुद्दामान दरगाह चिश्तिया नईमियां ने उर्स में शामिल होने वाले सभी जायरीन,अकीदतमंदों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। दरगाह इंतजामिया ने उर्स के दौरान सहयोग के लिए इटावा शहर प्रशासन एवं कोतवाली पुलिस का भी धन्यवाद किया।

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