RCB vs GT Final 2026: जिस खिलाड़ी को किसी ने नहीं खरीदा, उसने RCB को बनाया बैक-टू-बैक विनर

RCB vs GT Final 2026: क्रिकेट में कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहतीं। रजत पाटीदार की यात्रा भी ऐसी ही एक मिसाल है। 2022 की आईपीएल नीलामी में जब किसी फ्रेंचाइजी ने उन पर बोली नहीं लगाई तो ऐसा लग रहा था कि उनका आईपीएल करियर रुक गया है।

उस समय पाटीदार ने अपनी निजी जिंदगी पर ध्यान देने का फैसला किया। मई 2022 में उन्होंने शादी की तैयारियां शुरू कर दी थीं। इसी बीच उन्हें आरसीबी से संदेश मिला। टीम ने चोटिल विकेटकीपर लवनीत सिसोदिया के स्थान पर उन्हें स्क्वॉड में शामिल करने का प्रस्ताव दिया।

शुरुआत में उन्होंने इस ऑफर को स्वीकार करने को लेकर संकोच किया। उन्हें लग रहा था कि शादी की योजनाएं प्रभावित होंगी और शायद पूरे सीजन खेलने का मौका भी नहीं मिलेगा। लेकिन परिवार के समर्थन के बाद उन्होंने आरसीबी के साथ जुड़ने का निर्णय लिया।

एक मौके ने बदल दी पूरी तस्वीर

आरसीबी ने उन्हें सिर्फ टीम में शामिल नहीं किया बल्कि मैदान पर खुद को साबित करने का अवसर भी दिया। 2022 सीजन में उन्होंने 8 मुकाबले खेले और 333 रन बनाए।

सबसे यादगार प्रदर्शन एलिमिनेटर मुकाबले में आया जब उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ सिर्फ 54 गेंदों में नाबाद 112 रन बनाए। इस पारी के साथ वह आईपीएल प्लेऑफ में शतक लगाने वाले पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए।

चोट ने रोका लेकिन हौसला नहीं टूटा

जब लग रहा था कि उनका करियर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है तभी एक और मुश्किल सामने आ गई। एड़ी की चोट के कारण वह आईपीएल 2023 से बाहर हो गए।

पूरा सीजन मिस करना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ा झटका होता है। हालांकि पाटीदार ने हार नहीं मानी। फिटनेस हासिल करने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और लगातार अच्छे प्रदर्शन किए।

उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि उन्हें 2023 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत के लिए वनडे डेब्यू का मौका मिला। उस मैच में उन्होंने ओपनर के रूप में 22 रन बनाए। इसके बाद 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में भी पदार्पण किया। तीन टेस्ट मैचों में उन्होंने 63 रन बनाए।

आईपीएल में दमदार वापसी

चोट से उबरने के बाद आईपीएल 2024 में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। उन्होंने 15 मैचों में 395 रन बनाए।

इस दौरान स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने काफी चर्चा बटोरी। क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के बीच उनका नाम तेजी से लोकप्रिय होने लगा।

कप्तानी का बड़ा फैसला

2025 में आरसीबी के लिए बदलाव का दौर शुरू हुआ। टीम का नेतृत्व समूह बदल रहा था। फाफ डु प्लेसिस टीम का हिस्सा नहीं रहे और विराट कोहली केवल खिलाड़ी के रूप में योगदान देना चाहते थे।

ऐसे समय में आरसीबी ने 11 करोड़ रुपये में रिटेन किए गए रजत पाटीदार पर भरोसा जताया और उन्हें कप्तानी सौंप दी। यह फैसला टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया था।

मजबूत टीम ने दिलाई नई पहचान

पाटीदार ने बैटिंग कोच दिनेश कार्तिक और हेड कोच एंडी फ्लावर के साथ मिलकर संतुलित टीम तैयार करने में अहम भूमिका निभाई।

स्क्वॉड में हर विभाग के लिए विकल्प मौजूद थे। भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम की ताकत बने। बल्लेबाजी में विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल और खुद पाटीदार ने जिम्मेदारी संभाली। वहीं टिम डेविड, रोमारियो शेपर्ड और जितेश शर्मा ने फिनिशर की भूमिका निभाई। क्रुणाल पांड्या ने ऑलराउंडर के रूप में संतुलन दिया। इसी मजबूत संयोजन ने आरसीबी को नई पहचान दिलाई।

17 साल का इंतजार खत्म हुआ

आरसीबी के प्रशंसक वर्षों से पहली ट्रॉफी का इंतजार कर रहे थे। आखिरकार 2025 में टीम ने अपना पहला आईपीएल खिताब जीतकर यह सपना पूरा किया।

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इसके बाद 2026 में टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का कारनामा कर दिखाया।

रजत पाटीदार ने रचा नया इतिहास

लगातार दो सीजन में आरसीबी को खिताब दिलाने के साथ रजत पाटीदार ने आईपीएल रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया। वह लीग के पहले ऐसे कप्तान बन गए जिन्होंने अपने कप्तानी करियर के शुरुआती दो आईपीएल सीजन में लगातार दो ट्रॉफियां जीती हैं। अब तक कोई अन्य कप्तान यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाया है।

अनसोल्ड खिलाड़ी से इतिहास रचने वाले कप्तान तक का यह सफर बताता है कि सही समय पर मिला एक अवसर किसी खिलाड़ी की पूरी कहानी बदल सकता है।

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