लोन लेने वालों की चांदी! HDFC बैंक ने घटाई ब्याज दरें, आज से आपकी EMI हो जाएगी कम

HDFC Bank New Rates 2026: बैंक ने अपनी ब्याज़ दरों में बदलाव किया है, जिसका सीधा असर लोन की EMI पर पड़ेगा। बैंक ने कुछ खास समय-सीमा वाले लोन के लिए अपनी ‘मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट’ (MCLR) में 0.05% की कमी की है। ये नई दरें 7 अप्रैल, 2026 से लागू हो गई हैं।

बैंक की वेबसाइट के अनुसार, जिन ग्राहकों के लोन MCLR से जुड़े हैं, उन्हें इस बदलाव से सीधा फ़ायदा होगा। इस अपडेट के बाद, HDFC बैंक का MCLR अब 8.10% से 8.55% के बीच है, वहीं पहले यह 8.15% से 8.55% के बीच था।

अल्पकालिक लोन पर असर

यह बदलाव मुख्य रूप से अल्पकालिक लोन पर लागू होता है, वहीं मध्यम और दीर्घकालिक समय-सीमा वाले लोन के लिए MCLR दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

  • ओवरनाइट और एक महीना: 8.15% से घटाकर 8.10% कर दिया गया है।
  • तीन महीने: 8.25% से घटाकर 8.20% कर दिया गया है।
  • छह महीने से तीन साल: छह महीने (8.35%), एक साल (8.35%), दो साल (8.45%), और तीन साल (8.55%) के लिए MCLR दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

MCLR क्या है?

MCLR वह न्यूनतम दर है जिससे कम दर पर कोई भी बैंक लोन नहीं दे सकता। यह ब्याज़ दरों के लिए एक निचली सीमा तय करता है। 2016 में शुरू किया गया यह बेंचमार्क, होम लोन, पर्सनल लोन और बिज़नेस लोन के लिए एक अहम संदर्भ बिंदु बन गया है।

FD और बेस रेट में बदलाव

बैंक का बेस रेट अभी 8.80% है (जो 26 दिसंबर, 2025 से प्रभावी है), वहीं बेंचमार्क प्राइम लेंडिंग रेट (BPLR) 17.30% प्रति वर्ष है। इसके साथ ही, फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) की ब्याज़ दरों में भी बदलाव किए गए हैं:

आम ग्राहक: ब्याज़ दरें 3.25% से 7% के बीच हैं। वरिष्ठ नागरिक: ब्याज दरें 3.25% से 7% के बीच हैं। कुछ खास समय-सीमा वाली जमाओं पर 0.10% की बढ़ोतरी लागू की गई है।

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कर्ज़दारों को राहत

जिन कर्ज़दारों के फ़्लोटिंग-रेट लोन ओवरनाइट, एक महीने या तीन महीने के MCLR से जुड़े हैं, उनके ब्याज भुगतान में थोड़ी कमी आएगी। इससे वित्तीय बोझ कम करने में मदद मिलेगी, खासकर उन लोगों और व्यवसायों के लिए जिन्होंने लोन ले रखा है।

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