Iran Israel War Impact 2026: जानें ईरान इजराइल युद्ध से क्या क्या हुआ महंगा
Iran Israel War Impact 2026: ईरान और इजराइल के बीच चल रहा युद्ध न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी गंभीर संकट का कारण बन चुका है। खासतौर पर समुद्री मार्गों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। चूंकि ईरान दुनिया भर को कच्चे तेल की आपूर्ति करता है, ऐसे में इस संघर्ष के लम्बे खींचने की स्थिति में वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट आ सकता है। इसके परिणामस्वरूप तेल की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं, जो पूरी दुनिया के लिए महंगाई का कारण बनेगा।
भारत में शेयर बाजार और निवेशकों को नुकसान
भारत में भी इस युद्ध का असर साफ तौर पर दिख रहा है। हाल ही में भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई है, जिससे निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। बीएसई का बाजार पूंजीकरण 463.5 लाख करोड़ रुपये से घटकर 457.5 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुँच गया है। एक दिन में निवेशकों की वैल्यूएशन में ₹6 लाख करोड़ की कमी आ गई है, जो इस संकट के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
सोना और चांदी की कीमतों में उछाल
वहीं, वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज वृद्धि हो रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें $5400 प्रति औंस तक पहुँच चुकी हैं, जबकि चांदी की कीमतों में भी 2% से अधिक की वृद्धि देखी गई है। भारत में एमसीएक्स पर सोने की कीमत ₹1,67,000 प्रति 10 ग्राम को पार कर चुकी है, जबकि चांदी ₹85,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुँच चुकी है। इस बढ़ती महंगाई के कारण आम जनता पर भी असर पड़ सकता है।
महंगाई का खतरा और तेल की आपूर्ति में बाधा
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति में और बाधाएं आ सकती हैं, जिससे तेल की कीमतों में और अधिक वृद्धि हो सकती है। तेल के बढ़ते दामों के कारण माल ढुलाई लागत में वृद्धि होगी, जिसका असर रोज़मर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। इससे आम जनता को महंगाई का और ज्यादा सामना करना पड़ेगा।
US बनाम ईरान लड़ाई का दुनिया पर असर; कौन सा देश किसकी तरफ
भारत के लिए गंभीर परिणाम
भारत पर इस युद्ध का सीधा असर पड़ सकता है क्योंकि देश अभी भी ईरान से कच्चे तेल का आयात करता है। यदि युद्ध के कारण तेल की आपूर्ति बाधित होती है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ सकता है। महंगाई में वृद्धि के चलते सामान्य जीवनयापन की लागत बढ़ जाएगी और इससे हर वर्ग के लोग प्रभावित होंगे।


