टीबी 20 रोगियों को वितरित हुई ‘पोषण पोटली’

यूपीयूएमएस सैफई में टीबी रोग मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन

सैफई:इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (यूपीयूएमएस),सैफई के श्वसन रोग विभाग के तत्वावधान में टीबी रोग मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिंडारी में जन-जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों,स्वास्थ्यकर्मियों एवं आम जनमानस को क्षय रोग (टीबी) के कारणों, दुष्प्रभावों तथा प्रभावी रोकथाम उपायों के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर 20 टीबी रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो.डॉ. अजय सिंह ने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर ही टीबी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने टीबी रोगियों से अपील की कि वे निक्षय पोषण योजना का लाभ अवश्य लें, पोषणयुक्त आहार अपनाएं तथा दवा का कोर्स बीच में बिल्कुल न छोड़ें। कुलपति ने टीबी नियंत्रण के लिए काउंसलिंग,समूह सहायता सत्र,समय पर जांच एवं निःशुल्क उपचार जैसी सरकारी सुविधाओं की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लोगों से इनका लाभ उठाने का आह्वान किया।
विभागाध्यक्ष प्रो.डॉ.आदेश कुमार ने टीबी से होने वाले शारीरिक,सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि टीबी केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं है,बल्कि यह मस्तिष्क,हड्डियों,अंडाशय तथा आंतों को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने टीबी मुक्त समाज के निर्माण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से शीघ्र ही भारत टीबी मुक्त बनेगा।

निक्षय पोषण योजना की पात्रता

डॉ.आदेश कुमार ने बताया कि निक्षय पोषण योजना का लाभ वही मरीज प्राप्त कर सकते हैं,जो आधिकारिक निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत हों। पहले से उपचाररत टीबी मरीज भी इसके पात्र हैं। योजना का लाभ लेने के लिए रोगी को आधार कार्ड,बैंक पासबुक, पता सहित सही व्यक्तिगत विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि किसी मरीज के पास स्वयं का बैंक खाता नहीं है,तो वह अपने रक्त संबंधी (माता-पिता, भाई-बहन,पति-पत्नी,पुत्र) के बैंक खाते का विवरण सहमति पत्र के साथ दे सकता है,ताकि भुगतान उस खाते में भेजा जा सके।

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