मानवता को जोड़ने की शक्ति रखता है भारत : राजर्षि भूपेंद्र मोदी
भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प दोहराया, मोदीपुर में हुआ भव्य सम्मेलन

मंडल मुरादाबाद प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा
रामपुर। मोदी ग्लोबल हॉल, मोदीपुर में रविवार को एक भव्य और ऐतिहासिक सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें राजर्षि भूपेंद्र मोदी ने भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि “भारत भूमि केवल एक देश नहीं, बल्कि यह एक चेतना है, जो समस्त मानवता को जोड़ने की शक्ति रखती है।”
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं — गणेश वंदना, अर्धनारीश्वर, नरसिंह अवतार, देवी दुर्गा नृत्य और शिव तांडव जैसी झांकियों ने दर्शकों को भक्ति और ऊर्जा से सराबोर कर दिया। बच्चों की प्रतिभा देख सभागार तालियों से गूंज उठा।
दयावती मोदी अकादमी के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को नई ऊँचाइयाँ दीं।
इस अवसर पर बाली के निर्वाचित सांसद एवं हिंदू नेता डॉ. आई गुस्ती न्गुराह आर्य वेदकर्णा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राजर्षि मोदी ने उन्हें सम्मानित किया, जबकि डॉ. वेदकर्णा ने मोदी जी को बाली की पारंपरिक भेंट दी। उन्होंने कहा — “भारत हमारे लिए केवल एक देश नहीं, बल्कि आध्यात्मिक मातृभूमि है। हम बाली में आज भी वेदिक परंपरा और सनातन संस्कृति को जीते हैं।”
राजर्षि भूपेंद्र मोदी ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा अद्वैत वेदांत हमें यह सिखाता है कि सम्पूर्ण सृष्टि एक ही ब्रह्म का विस्तार है। जब हम इस सत्य को आत्मसात करते हैं, तब सीमाएँ मिट जाती हैं और मानवता एक परिवार बन जाती है। भारत का लक्ष्य केवल तकनीकी या आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि विश्व को आध्यात्मिक दिशा देना है — यही भारत को पुनः विश्वगुरु बनाएगा।
कार्यक्रम में देश-विदेश से आए संतों, विद्वानों, साधकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। वेदाचार्य विजय दत्त व्यास, दुबई से आए मनीष तिवारी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस मौके पर अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय सचिव मुनीश चंद शर्मा, जिलाध्यक्ष सौरभ पाठक, गायत्री परिवार के जोन कोऑर्डिनेटर अशोक सिंह, सीनियर सिटीजन क्लब के सदस्य सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मोदीपुर की सीईओ पूजा तिवारी, अनीता जी, डीएमए की प्रधानाचार्य डॉ. सुमन तोमर समेत पूरे मोदी ग्रुप ने आयोजन को सफल बनाने में विशेष भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के साथ सभी ने भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प दोहराया।



