POK Violence: दुकानें, सड़कें और इंटरनेट भी बंद, पीओके के लोग PAK सरकार से क्यों नाराज

POK Violence: बीते काफी दिनों से POK में पाकिस्तान सरकार के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सोमवार को अवामी एक्शन कमेटी ने POK के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन किया। कई क्षेत्रों में सड़कें और दुकानें बंद रहीं।

POK में Violence पाकिस्तान के विरुद्ध गुस्से के चलते हो रहे हैं। इस्लामाबाद ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए POK में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया है। प्रभावित इलाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बाधित है।

नागरिक समाज संगठन एएसी पिछले कुछ महीनों से POK में सुधारों की मांग कर रहा है। POK पिछले कई दशकों से राजनीतिक भेदभाव और आर्थिक उपेक्षा का सामना कर रहा है। एएसी ने अब इसके विरुद्ध आवाज उठाई है। एएसी ने पाकिस्तान सरकार के सामने 38 सूत्री मांगें रखी हैं।

क्या हैं मांगें? (Violence Reason)

POK विधानसभा में 12 सीटें पाकिस्तान में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं। एएसी ने इस प्रावधान को भी खत्म करने की मांग की है। इसके अलावा सब्सिडी, मंगला जलविद्युत परियोजना से उत्पादित बिजली की कीमतों में कमी और इस्लामाबाद द्वारा पुराने वादों को पूरा करने की माँग की जा रही है।

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एएसी नेता शौकत नवाज़ मीर ने कहा कि हमारा अभियान किसी संगठन के विरुद्ध नहीं है। पिछले 70 सालों से POK के लोगों को उनके मूल अधिकारों से वंचित रखा गया है। अब बहुत हो गया। या तो हमें हमारे अधिकार दो या जनता के गुस्से का सामना करो।

पाकिस्तान सरकार POK में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए बल प्रयोग कर रही है। हज़ारों लोग POK की सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्हें रोकने के लिए पंजाब से पुलिस भेजी गई है। शनिवार और रविवार को पुलिस ने POK के कई प्रवेश और निकास द्वार सील कर दिए।

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