केंद्र सरकार की गरिमा गृह और SMILE योजना से यूपी में ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण को मिली नई राह

स्टार एक्सप्रेस संवाददाता

लखनऊ. देश में ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों और कल्याण की दिशा में लगातार अहम सुधार किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश, जो जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है, अब सामाजिक समावेशन और समान अवसर के लिए नीति-निर्माताओं, एनजीओ और नागरिक समाज संगठनों की सक्रिय भागीदारी के साथ बदलाव की राह पर अग्रसर है। देश के 15 राज्यों में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से फिलहाल 18 गरिमा गृह संचालित हैं और हर राज्य में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए सुरक्षित आश्रय, भोजन, चिकित्सा, योग, मनोरंजन तथा जीवन कौशल प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में SMILE योजना के तहत इन गरिमा गृहों के लिए 8.25 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और इनका उपयोग ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सम्मानजनक आजीविका व मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किया जा रहा है।

ट्रांसजेंडर्स के लिए उत्तर प्रदेश में एक गरिमा गृह भी संचालित होता है, जहां ट्रांसजेंडर्स को निःशुल्क आश्रय के साथ भोजन, शिक्षा, मनो-परामर्श, योग और हुनर सुधार की सुविधा दी जाती है। गरिमा गृह में संपूर्ण सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य के लिए 24×7 टेली-मानस हेल्पलाइन (14416) तथा जीवन कौशल प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, ताकि निवासियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिले और वे योग्यता के आधार पर सम्मानजनक जिंदगी बिता सकें।

मानसिक स्वास्थ्य सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और समाज में जागरूकता बढ़ाने जैसे प्रयास भी किए जा रहे हैं। ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए SMILE योजना के तहत केंद्र सरकार ने समावेशिता, कल्याण एवं अधिकारों की रक्षा के लिए कई अहम पहल की हैं। इनमें गरिमा गृह के अलावा राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, आवास और कौशल प्रशिक्षण जैसे लाभ शामिल हैं। केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश स्तर पर जागरूकता अभियान, रोजगार सहायता तथा ट्रांसजेंडर समुदाय के सामाजिक न्याय को लेकर योजनाएं चल रही हैं।

वर्ष 2011 की जनगणना में ट्रांसजेंडर/अन्य के तहत देश में 4,87,803 व्यक्ति दर्ज किए गए थे, जिनमें से बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश में है। हाल ही में प्रदेश में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक वृद्धाश्रम और आत्मनिर्भरता का मौका देने के लिए योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। इसी के तहत राज्य के गरिमा गृह में निवासियों को परामर्श, तकनीकी प्रशिक्षण और जरूरत अनुसार मदद देने के लिए विशेषज्ञों को नियुक्त किया गया है।

सरकार ने सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा हेतु ठोस कदम उठाए हैं, जिससे प्रदेश में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए समावेशी वातावरण निर्माण हो रहा है। ये सुधार न केवल समाज के हाशिए पर रहे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को गरिमा व आत्मविश्वास दे रहे हैं, बल्कि त्रुटिहीन आंकड़ों और योजनाओं के साथ उत्तर प्रदेश को देश में ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण के नए मॉडल के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

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