अहंकार पर धर्म की विजय: लंका दहन ने छोड़ी अमिट छाप
बन्नू बिरादरी का सांस्कृतिक उत्सव, लंका दहन से गूंजा हामिद गेट परिसर

मंडल मुरादाबाद प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा
रामपुर। शहर के ऐतिहासिक हामिद गेट के सामने मंगलवार की रात बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित लंका दहन का मंचन भक्तिभाव और उत्साह का अद्भुत संगम बना। चारों ओर श्रद्धा और रोमांच का ऐसा वातावरण छाया कि उपस्थित जनसमूह देर रात तक मंत्रमुग्ध बना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ छात्र-छात्राओं के सम्मान से हुआ। हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले बन्नू बिरादरी के मेधावी बच्चों को मुख्य अतिथि सरदार तरनदीप सिंह ग्रोवर और विशिष्ट अतिथि अमित मेंहदीरत्ता ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इससे मंचन का वातावरण और भी प्रेरणादायी बन गया।
सम्मान समारोह के बाद लंका दहन का मंचन प्रारंभ हुआ। मंच पर दृश्य जीवंत हुआ जब राक्षसों ने हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी। इसके बाद जैसे ही हनुमान जी ने अपनी गदा उठाई और सोने की लंका में कूद पड़े, पूरा मंच दहकती ज्वालाओं से आलोकित हो उठा।
रावण की स्वर्णमयी लंका हनुमान की शक्ति और वीरता के आगे भस्म हो गई। यह दृश्य इतना अद्भुत और जीवंत प्रतीत हुआ कि दर्शकों के जय बजरंगबली के जयकारे पूरे माहौल में गूंज उठे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सरदार तरनदीप सिंह ग्रोवर ने कहा कि लंका दहन केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं है, बल्कि यह संदेश देता है कि अन्याय और अहंकार का अंत निश्चित है। हनुमान जी की यह लीला हमें सिखाती है कि धर्म और सत्य की विजय सदैव होती है।
विशिष्ट अतिथि अमित मेंहदीरत्ता ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपरा को जीवित रखते हैं। आज की युवा पीढ़ी को हनुमान जी की तरह साहस और निष्ठा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए थे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी से आयोजन बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित यह लंका दहन केवल मंचन भर नहीं था, बल्कि आस्था, भक्ति और संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन था। इसमें हनुमान जी की वीरता और धर्म की विजय का ऐसा संदेश दिया गया जिसने उपस्थित दर्शकों के हृदयों पर अमिट छाप छोड़ दी।
इस मौके पर रमेश नरूला, विनोद कोहली, ओम प्रकाश भाटिया, जुगेश चंद्र अरोड़ा (कुक्कू भाई), जगमोहन मोना, संजय नरूला, राजीव भाटिया, कपिल कोहली, वेद प्रकाश आहूजा, राजू सेठी, मनीष कथूरिया, सुमित कुमार, विजय गिरोटी, शिवम कुक्कू अरोड़ा, सुरेंद्र खन्ना, अमित सहगल, सरदार गुरप्रीत सिंह, हरमेश भाटिया, जीतू नरूला, अमित मेहंदीरत्ता, ललित भाटिया, सनी अरोरा, सतीश भाटिया आदि मौजूद रहे।



