शहरों से निकलकर गांव तक पहुंचे शिक्षा का प्रवाह : के एन त्रिपाठी
आधुनिक शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बने हर गांव का छात्र ऊँचाहार

रायबरेली। शिक्षा का प्रवाह शहरों से निकलकर गांव-गांव तक पहुंचे और स्पर्धा के इस युग में गांव के बच्चे भी आधुनिक शिक्षा से सुसज्जित होकर समाज व राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं, इसी संकल्प के साथ सत्यसांई पीजी कॉलेज, गंगोली आगे बढ़ रहा है।
उक्त विचार कॉलेज परिसर में आयोजित एक शैक्षिक समारोह के दौरान कॉलेज के संस्थापक के एन त्रिपाठी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हर गांव का छात्र आधुनिक शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बने और देश के विकास में योगदान दे। ग्रामीण प्रतिभाओं को यदि सही मंच और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले तो वे भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा सकते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रविभूषण शुक्ल ने कहा कि भारत को आगे बढ़ाने में हमेशा गांवों ने बड़ी भूमिका निभाई है। इसलिए जरूरी है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को शैक्षिक रूप से समृद्ध किया जाए। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन के इस प्रयास की सराहना की।कॉलेज प्रबंधक वैभव त्रिपाठी ने बताया कि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं, तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के लिए तैयार करने हेतु कॉलेज में डिजिटल लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, आधुनिक पुस्तकालय और कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनोज शुक्ल ने कहा कि हम छात्रों को सबसे बेहतर और स्वावलम्बन से जोड़ने की भावना लेकर कार्य कर रहे है । हम चाहते है कि बच्चों की शिक्षा का आर्थिक भार उनके अभिभावकों पर न पड़े और बच्चे अध्ययन के साथ साथ आय भी अर्जित करें ,इसके लिए कॉलेज में रोजगार के भी कार्यक्रम प्रस्तावित है । समारोह में कॉलेज परिवार के दीनानाथ त्रिपाठी , अरुण मौर्य , रामराज यादव , प्रमोद कुमार , गिरजा शंकर त्रिवेदी ,विनीत शुक्ल , शशिकांत यादव , आयुष बाजपेई सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, शिक्षक व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए, जिसकी सभी ने सराहना की।



