रूस में फंसा भारतीय छात्र, 52 लाख में जॉब के नाम पर भेजा गया जंग के मैदान में

indian Student trapped in russia: 21 साल का अनुज पढ़ाई के लिए वीज़ा लेकर रूस गया था। उसी साल, यानी मई 2025 में, अनुज एक एजेंट को 6 लाख रुपये देकर रूस पहुंचा। उसने रूस जाकर नौकरी करने और अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकालने का फैसला किया, मगर बाद में जो हुआ वह बहुत चौंकाने वाला था। रूस पहुंचे एक एजेंट ने उससे कहा कि वह अनुज को 52 लाख रुपये देगा। अनुज इस लालच में आ गया। उसे काम के लिए 10 दिन की ट्रेनिंग दी गई, जिसके बाद उसे सीधे यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध में लड़ने के लिए भेज दिया गया। उसके परिवार को 13 अक्टूबर से अनुज के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा गांव में अनुज का परिवार इस समय सदमे में है। अनुज ने परिवार को पैसे की तंगी से निकालने के लिए एक एजेंट को 6 लाख रुपये दिए थे। वहां जाने के बाद अनुज एक जिम में काम करने लगा। वहां एक एजेंट ने अनुज और कुछ दूसरे युवाओं को धोखा दिया और वे वहां बेवकूफ बन गए।

52 लाख, 10 दिन की ट्रेनिंग और जंग

एक एजेंट ने उन्हें रशियन आर्मी (indian Student trapped in russia war) में शामिल होने का ऑफर दिया। मगर, उन्होंने शुरू में मना कर दिया। फिर एजेंट ने उन्हें फिर से मनाया। 52 लाख रुपये देने की बात कहने के बाद, अनुज और कुछ दूसरे नौजवान काम के लिए तैयार हो गए। उन्हें बताया गया कि यह रकम अलग-अलग हिस्सों में अकाउंट में जमा की जाएगी।

अनुज 52 लाख रुपये मिलने पर शामिल होने के लिए मान गया। उसके बाद, अनुज और दूसरे नौजवानों को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। उन्हें दस दिन की ट्रेनिंग दी गई और सीधे यूक्रेन के खिलाफ लड़ने के लिए भेज दिया गया।

अनुज के परिवार ने क्या कहा?

वहीं अनुज के परिवार ने कहा कि आखिरी बार उनकी अनुज से 13 अक्टूबर को बात हुई थी। अनुज ने कहा था कि हमें रेड ज़ोन यानी फ्रंट लाइन पर भेजा जा रहा है। तब से उससे कोई बात नहीं हुई है। कई नौजवान भारत लौट आए हैं, जो पहले से ही वहां फंसे हुए थे। अभी भी कुछ नौजवान वहां फंसे हुए हैं, जिसमें अनुज भी शामिल है, जो अभी लापता है।

इस देश में मर्दों की आबादी में भारी गिरावट, महिलाएं किराए पर खरीदे रही हैं पति

अनुज के परिवार ने मदद की अपील की

अनुज का परिवार अब कह रहा है कि उसे भारत वापस भेज दिया जाए। परिवार ने प्रधानमंत्री ऑफिस से संपर्क किया है। हमने विरोध किया है और मेल भेजे हैं। मगर अभी तक अनुज के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। भारत के रूस के साथ अच्छे संबंध हैं, इसलिए हमें उम्मीद है कि रूस भारत सरकार की बात सुनेगा, ऐसा अनुज के परिवार का मानना ​​है।

Related Articles

Back to top button