99 पर अटकी सांसें: ध्रुव जुरेल से सचिन तेंदुलकर तक, शतक पूरा करने के लिए किस भारतीय ने झेलीं सबसे ज्यादा गेंदें

Dhruv Jurel vs Sri Lanka Colombo Test: टेस्ट क्रिकेट में शतक के करीब पहुंचकर 99 के फेर में फंसना किसी भी बल्लेबाज के धैर्य और एकाग्रता की सबसे बड़ी परीक्षा मानी जाती है। युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का दूसरा टेस्ट शतक जड़ा।
इस पारी के दौरान 99 के स्कोर पर पहुंचने के बाद उन्होंने लगातार दो मेडन ओवर खेले और बेहद संयम दिखाते हुए अपना शतक पूरा किया। इस जुझारू पारी के साथ ही जुरेल टेस्ट इतिहास में 99 से 100 रन तक पहुंचने के लिए सबसे ज्यादा गेंदें खेलने वाले भारतीय बल्लेबाजों की एलीट लिस्ट में तीसरे स्थान पर दर्ज हो गए हैं।
आर अश्विन के नाम दर्ज है सबसे लंबा इंतजार
टेस्ट क्रिकेट में 99 रन से 100 रन के आंकड़े तक पहुंचने के लिए सबसे अधिक गेंदों का सामना करने का भारतीय रिकॉर्ड दिग्गज ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन के नाम दर्ज है। वर्ष 2016 में ग्रोस आइलेट में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में अश्विन ने 99 के निजी स्कोर पर पहुंचने के बाद अपनी 15वीं गेंद पर ऐतिहासिक शतक पूरा किया था। उस दौरान कैरेबियाई गेंदबाजों ने उनके सामने बेहद कसी हुई फील्डिंग और लाइन-लेंथ रखी थी।
मुरली विजय का ट्रेंट ब्रिज वाला संयम
इस फेहरिस्त में दूसरे पायदान पर पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज मुरली विजय का नाम आता है। साल 2014 के इंग्लैंड दौरे पर ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के दौरान मुरली विजय 99 के स्कोर पर पहुंचे थे। इंग्लिश गेंदबाजों की घातक स्विंग और दबाव के बीच विजय ने कोई जोखिम नहीं उठाया और 14 गेंदों के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार अपना शतक मुकम्मल किया था।
कोलंबो में ध्रुव जुरेल का ऐतिहासिक धैर्य
श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में ध्रुव जुरेल ने गजब की मानसिक मजबूती दिखाई। 99 रन के स्कोर पर पहुंचने के बाद विपक्षी स्पिनरों ने उन्हें बांधने के लिए लगातार दो मेडन ओवर डाले। जुरेल ने बिना विचलित हुए 13वीं गेंद पर अपना शतक पूरा किया और टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
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लक्ष्मण और सचिन भी झेल चुके हैं नर्वस 99 का दबाव
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2008 की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज में भारतीय दिग्गजों को भी इस दबाव से गुजरना पड़ा था। ‘वेरी वेरी स्पेशल’ वीवीएस लक्ष्मण ने 2008 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी के सामने 99 से 100 रन तक पहुंचने के लिए 12 गेंदें खेली थीं। उसी वर्ष नागपुर टेस्ट में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी कंगारू टीम के विरुद्ध 99 रन पर आने के बाद 12 गेंदों का धैर्यपूर्ण सामना करके अपना शतक पूरा किया था।



