चीनी आयात शुल्क-मुक्त करने के विरोध में भाकियू लोकहित ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

किसानों की कर्जमाफी, खाद्य सुरक्षा और इथेनॉल नीति की समीक्षा की उठाई मांग

गाजियाबाद। भारतीय किसान यूनियन लोकहित के पदाधिकारियों ने चीनी के आयात को शुल्क-मुक्त किए जाने के विरोध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप चौधरी ने कहा कि शुल्क-मुक्त चीनी आयात से देश के गन्ना किसानों और चीनी उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने में परेशानी हो सकती है।

संदीप चौधरी ने कहा कि गन्ने से बड़े पैमाने पर इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने से घरेलू बाजार में चीनी और अन्य खाद्य सामग्री की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका है। इसलिए सरकार को खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति बनानी चाहिए और इथेनॉल नीति की पुनः समीक्षा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपये के कर्ज का सेटलमेंट किया जा रहा है, जबकि किसान आज भी कर्ज के बोझ तले दबे हैं। किसानों के साथ इस दोहरे मापदंड को समाप्त कर उनके कृषि ऋण का भी एकमुश्त और न्यायपूर्ण समाधान किया जाना चाहिए।

ज्ञापन में चीनी आयात को शुल्क-मुक्त करने का निर्णय वापस लेने, किसानों को फसल का लाभकारी एवं सुनिश्चित मूल्य देने, किसानों के लिए व्यापक कर्जमाफी योजना लागू करने तथा बड़े कॉरपोरेट कर्जों के सेटलमेंट की उच्चस्तरीय समीक्षा की मांग की गई।

इस दौरान कुलदीप चौधरी, रोहित कुमार, राहुल त्यागी, रोहित चौधरी, मोनू शर्मा, कुंवर पाल शर्मा, राजा नीरज चौधरी सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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