आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां धरने पर, सरकार को चेतावनी

मऊ। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 8 सितंबर 2025 को जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकत्रियों ने जोरदार नारेबाज़ी की और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।

कार्यकत्रियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उनका कहना है कि जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक कार्यकत्रियों को 18 हजार रुपये और सहायिकाओं को 9 हजार रुपये मानदेय दिया जाए। इसके अलावा उन्होंने सेवा नियमावली बनाने और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप पेंशन व ग्रेच्युटी लागू करने की मांग भी उठाई।

धरना स्थल पर उपस्थित आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका एसोसिएशन की पदाधिकारियों ने बताया कि विभागीय लापरवाही के चलते कार्यकत्रियों को वर्षों की सेवा के बावजूद न प्रमोशन मिला और न ही कोई सामाजिक सुरक्षा। कई कार्यकत्रियां 20 से 40 साल तक की सेवा देने के बाद भी आज आर्थिक असुरक्षा से जूझ रही हैं।

मांगपत्र में प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान करने, कार्यकत्रियों से जबरन BLO ड्यूटी न कराए जाने और पोषाहार वितरण को सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है।

इसके साथ ही लंबित मानदेय जल्द जारी करने और विभागीय भवन न होने की स्थिति में किराए पर भवन लेकर केंद्र चलाने तथा किराया सीधे मकान मालिक के खाते में भेजने की मांग की गई।

कार्यकत्रियों ने यह भी कहा कि सरकार ने उन्हें ई-केवाईसी और ऑनलाइन पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल काम सौंपे, जिसमें उन्होंने पूरी मेहनत से सहयोग किया। लेकिन संसाधनों की कमी और विभागीय उपेक्षा ने उन्हें कर्ज और मानसिक तनाव में धकेल दिया। साथ ही 5जी मोबाइल खरीदने के लिए धनराशि देने की मांग भी रखी गई।

आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका एसोसिएशन ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक स्तर पर किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकत्रियां शामिल हुईं और उन्होंने अपनी एकजुटता से सरकार तक अपनी आवाज़ पहुंचाई।

Related Articles

Back to top button