द्रौपदी चीरहरण लीला का भावपूर्ण मंचन
मैदानी रामलीला में भगवान श्रीकृष्ण ने बचाई द्रौपदी की लाज,भक्ति प्रसंग देखकर भावविभोर हुए दर्शक

जसवंतनगर,इटावा। नगर की ऐतिहासिक मैदानी रामलीला के मैदान में मंगलवार रात नौ बजे पांच दिवसीय रासलीला महोत्सव के तीसरे दिन द्रौपदी चीरहरण लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। वृंदावन से आई रंगरसिया रासलीला मंडली के कलाकारों ने महाभारत के मार्मिक प्रसंग को सजीव रूप में प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण की लीला और भक्ति संगीत से पूरा मैदान भक्तिमय हो गया।
महाभारत के अनुसार, हस्तिनापुर की राजसभा में द्यूत क्रीड़ा के दौरान पांडवों के हार जाने पर द्रौपदी को सभा में लाया गया। दुशासन ने उनका चीरहरण करने का प्रयास किया तो द्रौपदी ने भगवान श्रीकृष्ण को पुकारा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रीकृष्ण ने अपनी दिव्य कृपा से उनकी लाज बचाई और दुशासन द्रौपदी का वस्त्र खींचने में असफल रहा। इस प्रसंग के मंचन में भगवान श्रीकृष्ण की करुणा,भक्त की रक्षा और धर्म की विजय का संदेश दिया गया।
कलाकारों की मनमोहक अदाकारी और भक्ति गीतों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। लीला देखने के लिए बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु पहुंचे। पूरे कार्यक्रम के दौरान रामलीला मैदान में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
रासलीला मंडली के संचालक अवधेश कुमार मिश्रा के निर्देशन में कलाकारों ने प्रसंग का प्रभावशाली मंचन किया। कार्यक्रम का आयोजन श्रीरामलीला महोत्सव समिति के प्रबंधक राजीव कुमार गुप्ता तथा उप प्रबंधक ठाकुर अजेंद्र सिंह गौर और शुभश्री गुप्ता के दिशा-निर्देशन में किया गया।



