सेहत के दुश्मन हैं ये 3 आदतें, आज ही बदलें अपनी लाइफस्टाइल

Overeating Side Effects: सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज पर ध्यान देना काफी नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की उन आदतों को पहचानना भी जरूरी है, जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। जरूरत से ज्यादा खाना, जंक फूड का बार-बार सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी ऐसी आदतें हैं, जिनका असर लंबे समय में सेहत पर पड़ सकता है।
उम्र बढ़ने की प्रक्रिया और लंबी उम्र से जुड़े शोध के लिए पहचाने जाने वाले वैज्ञानिक डेविड सिंक्लेयर ने राज शमानी के पॉडकास्ट में स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस दौरान खानपान और शारीरिक गतिविधियों जैसी आदतों पर ध्यान देने की अहमियत सामने आई। आइए जानते हैं कि इन आदतों का शरीर पर क्या असर पड़ सकता है और इन्हें सुधारने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
1. जरूरत से ज्यादा खाना पड़ सकता है भारी
भूख से ज्यादा खाना या शरीर की जरूरत से अधिक कैलोरी लेना वजन बढ़ने की प्रमुख वजहों में शामिल है। जब शरीर को मिलने वाली ऊर्जा उसकी खपत से निरंतर ज्यादा होती है, तो अतिरिक्त ऊर्जा फैट के रूप में जमा होने लगती है। खासकर पेट के आसपास अधिक चर्बी जमा होना स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता का विषय हो सकता है।
मोटापा टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों के बढ़ते जोखिम से जुड़ा है। इसलिए खाने की मात्रा के साथ-साथ भोजन की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है। अपनी भूख और शरीर की जरूरत के अनुसार भोजन करना, संतुलित डाइट अपनाना और नियमित शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करना वजन को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।
2. जंक फूड का बार-बार सेवन बिगाड़ सकता है सेहत
पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज और पैकेट वाले चिप्स जैसे खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध होते हैं और स्वाद में भी अच्छे लगते हैं। हालांकि, कई ऐसे खाद्य पदार्थों में कैलोरी, नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर फैट की मात्रा अधिक हो सकती है। इनका बार-बार सेवन करने से संतुलित और पौष्टिक भोजन की जगह कम हो सकती है।
इससे शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल और डाइटरी फाइबर पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते। डेविड सिंक्लेयर के साथ हुई चर्चा में खानपान की गुणवत्ता पर ध्यान देने का महत्व भी सामने आया। बेहतर स्वास्थ्य के लिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को डाइट में जगह देना फायदेमंद हो सकता है। जंक फूड को रोजमर्रा के भोजन का प्रमुख हिस्सा बनाने के बजाय सीमित मात्रा में खाना बेहतर विकल्प है।
3. लंबे समय तक बैठे रहना भी है नुकसानदायक
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग ऑफिस में निरंतर 8 से 10 घंटे डेस्क पर बैठकर काम करते हैं। घर लौटने के बाद मोबाइल फोन या टीवी के सामने समय बिताना और छोटी दूरी के लिए भी वाहन का इस्तेमाल करना शारीरिक गतिविधि को और कम कर सकता है। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने वाली इस दिनचर्या को सेडेंटरी लाइफस्टाइल कहा जाता है।
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शारीरिक गतिविधि की कमी से वजन नियंत्रित रखना मुश्किल हो सकता है और दिल की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके विपरीत, नियमित रूप से सक्रिय रहने से मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने, हृदय स्वास्थ्य बेहतर करने और शरीर का वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
रोजमर्रा की दिनचर्या में करें ये छोटे बदलाव
अगर आपका ज्यादातर समय बैठकर काम करने में गुजरता है, तो दिनभर निरंतर एक ही जगह बैठे रहने से बचें। काम के बीच छोटे ब्रेक लेकर कुछ देर टहलें, जहां संभव हो सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और नियमित रूप से पैदल चलने की आदत डालें। अपनी उम्र, शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें। साथ ही, खाने की मात्रा और गुणवत्ता पर ध्यान दें तथा अच्छे भोजन को प्राथमिकता दें। ये छोटे बदलाव लंबे समय तक स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।



