ईश्वर एक है-हमें ईश्वर का ध्यान करना चाहिए
ताकि हम बुरे कर्माे को छोड़ सत्कर्माे की ओर अग्रसर हो सकें

भरथना,इटावा। ईश्वर एक ही है। सभी को ईश्वर का ध्यान अवश्य करना चाहिए,ताकि हम बुरे कर्माे को छोड़ सत्कर्माे की ओर अग्रसर हो सकें।
उक्त बात कस्बा के मुहल्ला गली गोदाम स्थित आर्य समाज मन्दिर में आयोजित होने वाले पंचदिवसीय वेदप्रचार वेदज्ञान की अमृत वर्षा एवं विश्व कल्याण महायज्ञ के दौरान नर्मदापुर (मध्य प्रदेश) से पधारे आचार्य मोहन आर्य (श्रुतबन्धु) ने कही।
उन्होंने कहा कि सभी मनुष्यों को पंच महायज्ञ नित्य अवश्य करना चाहिये। जिसमें पहला यज्ञ ईश्वर की उपासना, दूसरा यज्ञ हवन, तीसरा यज्ञ माता-पिता बुजुर्गों की सेवा,चौथा यज्ञ अतिथियों-विद्वानों की सेवा,पांचवा पशु-पक्षियों जीवों के ऊपर दया करुणा कृपा करनी चाहिए। ऐसा करने से मनुष्य अपने जीवन में परमात्मा से जीवन कल्याण के लिए सब कुछ प्राप्त कर सकता है और सदैव सुखी जीवन व्यतीत कर सकता हैं। तदुपरान्त वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच यज्ञ कराया।
तत्पश्चात बदायूं से पधारी भजनोपदेशिका बहन पुष्पा शास्त्री ने अपने सुमधुर भजनों द्वारा अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान यज्ञमान के रूप में अमित अग्रवाल,रोहित भंसाली, ऋषि पोरवाल,राजकमल गुप्ता,राजेश गुप्ता,रज्जू पोरवाल,संजय उर्फ बबलू के अलावा प्रधान सत्यभान आर्य (राजा), मंत्री मोहन आर्य, कोषाध्यक्ष सतेन्द्र आर्य (संजू),भगवान दास आर्य,देवेंद्र भँसाली आर्य, सुरेश आर्य,अजय आर्य, अरुण आर्य,अनिल आर्य, नन्दकिशोर आर्य,राजेश आर्य,राजकमल आर्य, सीता देवी आर्या,ऊषा आर्या,आरती आर्या, अनुराग आर्य,वैभव आर्य आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।



