मकान पर कब्जे का आरोप, महिला ने डीएम से लगाई न्याय और सुरक्षा की गुहार

गाजियाबाद। कोतवाली थाना क्षेत्र के जस्सीपुरा निवासी शिल्पी खन्ना ने मकान पर कब्जा करने और परिवार को धमकाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार से मुलाकात की। महिला ने पुराने राजस्व रिकॉर्ड, वर्ष 2008 की जांच और कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए संपत्ति के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिल्पी खन्ना ने शिकायत में बताया कि वर्ष 1997 में शादी के बाद से वह अपने परिवार के साथ जस्सीपुरा स्थित मकान में रह रही हैं। उनके पति पंकज खन्ना का जन्म भी इसी मकान में हुआ था। वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला के अनुसार, उनके ससुर भी वर्ष 2002 तक इसी मकान में परिवार के साथ रहे थे। उनका कहना है कि परिवार का इस मकान में कई दशकों से निवास रहा है।

2007 के बैनामे की वैधता पर उठाए सवाल

महिला का आरोप है कि पुराने राजस्व रिकॉर्ड में संपत्ति के मूल मालिक गोपाल चंद गोविंद का नाम दर्ज है। वर्ष 1949 में संपत्ति को 30 साल के लिए किराए पर दिए जाने का रिकॉर्ड भी मौजूद है। इसके बावजूद वर्ष 2007 में रघुनंदन लाल के बेटे राजेश कुमार से रिजवान, फुरकान और उनकी पत्नियों के नाम संपत्ति का बैनामा कराए जाने का आरोप लगाया गया है। शिल्पी ने बैनामे की वैधता की जांच के साथ पंजीकरण और राजस्व रिकॉर्ड की भी जांच कराने की मांग की है।

धमकी और परेशान करने का भी आरोप

शिकायत में शिल्पी ने वर्ष 2008 में तत्कालीन एसडीएम की जांच और सिविल कोर्ट के फैसले का हवाला दिया है। उनका आरोप है कि मकान को लेकर विवाद शुरू होने के बाद से परिवार पर घर खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने धमकी देने और गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया है। महिला का यह भी आरोप है कि कई बार मकान की छत पर मांस के टुकड़े और हड्डियां फेंकी गईं, जिससे परिवार में भय का माहौल है।

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