आम खाना बेहतर है या आमरस पीना, जानें सेहत के लिए कौन है बेस्ट विकल्प

Mango vs Aamras Health Benefits: चिलचिलाती गर्मियां आते ही हर भारतीय घर में पके हुए रसीले आमों की भीनी-भीनी खुशबू महकने लगती है। भारत में आम को केवल एक फल नहीं, बल्कि एक अहसास माना जाता है और इसे खाने का अपना एक अलग ही मज़ा है।
गर्मियों के इस मौसम में स्वाद के शौकीनों के बीच अक्सर एक बहस छिड़ जाती है कि आम को सीधे काटकर या चूसकर खाना ज्यादा फायदेमंद है या फिर इसका गाढ़ा-मीठा आमरस बनाकर पीना? हालांकि, स्वाद के मामले में ये दोनों ही लाजवाब और बेजोड़ हैं, लेकिन जब बात हमारी सेहत और न्यूट्रिशन की आती है, तो इन दोनों के बीच कुछ बेहद महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले अंतर देखने को मिलते हैं।
साबुत आम खाने के बेमिसाल फायदे
अगर आप आम को सीधे फल के रूप में खाते हैं, तो यह आपकी सेहत को कई गुना अधिक पोषण देता है। साबुत आम में प्राकृतिक फाइबर (Natural Fiber) बहुत अधिक मात्रा में मौजूद होता है, जो हमारे पाचन तंत्र (Digestive System) को दुरुस्त रखने और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में बेहद मददगार साबित होता है।
इसके अलावा, आम में विटामिन A, विटामिन C और भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ आपकी स्किन (त्वचा) को चमकदार और हेल्दी बनाए रखते हैं। सबसे खास बात यह है कि फल को सीधे चबाकर खाने से शरीर में इसका शुगर लेवल काफी हद तक कंट्रोल में रहता है, क्योंकि फाइबर के कारण फ्रुक्टोज धीरे-धीरे ब्लड में रिलीज होता है।
आमरस पीने के फायदे
दूसरी ओर, आमरस का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। खासकर महाराष्ट्र और गुजरात में गर्मियों के दिनों में आमरस एक बेहद पॉपुलर और पारंपरिक ड्रिंक के रूप में चाव से पी जाती है।
आमरस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये भीषण गर्मी के मौसम में शरीर को तुरंत एनर्जी (Instant Energy) प्रदान करता है। दोपहर की तेज धूप और गर्मी से बेहाल होने के बाद ठंडा-ठंडा आमरस पीना न सिर्फ तन-मन को गजब की राहत देता है, बल्कि इसे जब दोपहर या रात के खाने (जैसे पूरी या पराठे) के साथ परोसा जाता है, तो यह भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ा देता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिन्हें तुरंत ऊर्जा की जरूरत होती है।
दोनों में किसे चुने
गर्मियों के इस शानदार मौसम में आप आम और आमरस दोनों का भरपूर लुत्फ उठा सकते हैं, क्योंकि दोनों के अपने-अपने लाजवाब फायदे और स्वाद हैं। हालांकि, न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स की मानें तो आपको इसकी क्वांटिटी (मात्रा) और अपनी हेल्थ का सही बैलेंस बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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अगर आप वजन कम करना चाहते हैं या डायबिटीज के मरीज हैं, तो सीमित मात्रा में साबुत आम खाना आपके लिए ज्यादा बेहतर विकल्प है क्योंकि आमरस बनाते समय अक्सर फाइबर कम हो जाता है और लोग इसमें ऊपर से चीनी भी मिला देते हैं, जिससे कैलोरी बढ़ जाती है। इसलिए अपनी सेहत को ध्यान में रखकर इस समर सीजन में फलों के राजा का सही तरीके से मजा लें।



