युवा भारत को विश्वगुरु बनाने में सहभागी बनें- डॉ संतोष अंश

सुलतानपुर। स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में सुल्तानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रेरक भूमिका से परिचित कराना रहा। संगोष्ठी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रान्त के प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष ने“विवेकानंद : विद्यार्थी जीवन और राष्ट्र निर्माण में भूमिका” विषय पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन युवाशक्ति को जागृत करने का संदेश देता है।
उनका आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा का विचार आज भी विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाया। उनका स्पष्ट संदेश था – “पहले स्वयं को पहचानो, तभी राष्ट्र को पहचान सकोगे।” उन्होंने कहा कि विवेकानंद का संपूर्ण जीवन चरित्र निर्माण, सेवा और संकल्प की प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझें। जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा। विद्यार्थियों को अपने दिनचर्या में परिवर्तन करने की महती आवश्यकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बताया। यदि युवा उनके विचारों को आत्मसात करें तो एक सशक्त और संस्कारित राष्ट्र का निर्माण निश्चित है। कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विवेकानंद का संदेश “उत्तिष्ठत, जाग्रत, प्राप्य वरान्निबोधत” आज भी राष्ट्र के नव निर्माण का उद्घोष है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मबल, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलकर भारत को विश्वगुरु बनाने में सहभागी बनें।
इस अवसर पर जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय, डॉ. विवेक सिंह, राज मिश्रा, अर्चिता सिंह, महक श्रीवास्तव, ऋषिका, शिखर पाठक, हर्ष सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ। इसके पूर्व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आज राणा प्रताप पी जी कॉलेज और गनपत सहाय पी जी कॉलेज में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। लंभुवा इकाई द्वारा सर्वोदय इंटरमीडिएट कॉलेज में एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ । जिसे प्रान्त उपाध्यक्ष ने संबोधित किया। तत्पश्चात विद्यालय से नगर में विवेकानंद संदेश शोभा यात्रा निकाली गई।
सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन
स्वामी विवेकानन्द जयंती के उपलक्ष्य में स्वदेशी संकल्प यात्रा कर स्वदेशी अपनाने का दिया संदेश

सुल्तानपुर|सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में स्वदेशी संकल्प दौड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने स्वदेशी अपनाओ संकल्प यात्रा के माध्यम से समाज को स्वदेशी अपनाने के प्रेरित करने को महत्त्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे देश आत्म निर्भर बनेगा। स्वदेशी अपनाने से हमारे स्स्व के भाव का जागरण हमारे राष्ट्र भाव के संकल्प को मजबूत करेंग। हमें स्वदेशी अपनाना है और दूसरों को भी स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
इससे पूर्व प्रधानाचार्य ने झंडी दिखाकर स्वदेशी संकल्प दौड़ को झंडी दिखाकर रवाना किया। तथा छात्रों के स्वयं भी संकल्प यात्रा में सम्मिलित हुए। इसके अलावा स्वदेशी संकल्प दौड़ में अखिलेश प्रताप सिंह,विवेकानन्द यादव, कमलेश तिवारी ,रूपेश कुमार, अर्पित सिंह,शुभम सिंह, अखिलेश पाण्डेय, देवेन्द्र कुमार पाठक, ज्योति उपाध्याय,शेषमणि मिश्र , शेषमणि दूबे, सुमित मौर्य शिवजी राय ,नीरज पाण्डेय, दीनदयाल विश्वकर्मा, सुरेश बरनवाल सहित विद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने प्रतिभाग किया।



