दीयों पर खर्च क्यों, अखिलेश यादव के बयान पर बवाल

UP Diwali 2025: पूर्व सीएम अखिलेश यादव शनिवार को उस वक्त विवादों में घिर गए जब उन्होंने दुनिया भर में दिवाली और क्रिसमस के जश्न के बीच समानताएं बताईं और दीपोत्सव के लिए मोमबत्तियों और दीयों पर खर्च को लेकर उप्र सरकार पर सवाल उठाया।

19 अक्टूबर को राजधानी लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि भारत को दुनिया भर के शहरों से क्रिसमस मनाने के तरीके के बारे में ‘सीखना’ चाहिए।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि मैं भगवान राम के नाम पर एक सुझाव दूँगा। पूरी दुनिया में क्रिसमस के दौरान सभी शहर जगमगा उठते हैं। और यह सिलसिला महीनों तक चलता है। हमें उनसे सीखना चाहिए।

सपा प्रमुख ने UP में Diwali 2025 के मौके कहा कि हमें दीयों और मोमबत्तियों पर पैसा क्यों खर्च करना पड़ता है और इसके लिए इतना सोचना क्यों पड़ता है? हम इस सरकार से क्या उम्मीद कर सकते हैं? इसे हटा देना चाहिए। हम ये तय करेंगे कि और भी खूबसूरत रोशनियां हों।

बीजेपी ने दिया ये जवाब

यादव की टिप्पणी पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सपा शासन के दौरान अयोध्या को अंधेरे में रखा गया। शहजाद ने तो यहां तक आरोप लगाया कि सपा सरकार ने अयोध्या में भगवान राम के भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं।

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उन्होंने कहा कि जब अयोध्या जगमगा रही है, तो अखिलेश यादव को तकलीफ हो रही है। ये लोग सैफई में नाच-गाने का कार्यक्रम आयोजित करते थे, लेकिन जब अयोध्या में दिवाली मनाई जा रही है, तो अखिलेश यादव को समस्या हो रही है।

भाजपा नेता गौरव भाटिया ने भी यादव पर हमला बोलते हुए पूछा कि दिवाली की रोशनी उन लोगों को कैसे भा सकती है जो अक्टूबर में क्रिसमस मनाते हैं? एक पोस्ट में उन्होंने यादव पर तंज कसते हुए कहा कि अयोध्या तो जगमगा रही है मगर कुछ लोगों के दिल जल रहे हैं।

 

 

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