थकान और कमजोरी होगी छू-मंतर, सुबह उठते ही भीगे चने खाने का सही तरीका जान लेंगे तो कभी नहीं पड़ेंगे बीमार

soaked black chana benefits: भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाला काला चना सिर्फ एक साधारण खाद्य पदार्थ नहीं बल्कि सेहत का संपूर्ण पावरहाउस है। प्रोटीन, डायटरी फाइबर, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों से लैस ये सुपरफूड शरीर की आंतरिक ताकत को कई गुना बढ़ा देता है। हालांकि आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान दोनों का मानना है कि काले चने का पूरा पोषण शरीर को तभी मिल पाता है जब इसे सही वक्त और सही तरीके से डाइट में शामिल किया जाए।

डॉक्टरों के मुताबिक काले चने खाने का सबसे मुफीद वक्त सवेरे खाली पेट होता है। रात में करीब आठ से दस घंटे तक पानी में भिगोए गए चनों को जब सवेरे नाश्ते के रूप में खाया जाता है, तो पाचन तंत्र इनके सभी विटामिन्स और मिनरल्स को तेजी से अवशोषित कर लेता है। ये आदत शरीर को दिनभर के लिए जरूरी ऊर्जा प्रदान करती है और सुस्ती को कोसों दूर रखती है।

भीगे चने किसी रामबाण टॉनिक से कम नहीं

दिनभर की भागदौड़ से पैदा होने वाली शारीरिक थकान और कमजोरी से जूझ रहे लोगों के लिए भीगे चने किसी रामबाण टॉनिक से कम नहीं हैं। इसमें मौजूद हाई-क्वालिटी प्लांट बेस्ड प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और स्टैमिना बढ़ाता है। यदि सवेरे भीगे हुए चनों को थोड़े से देसी गुड़ या प्राकृतिक शहद के साथ अच्छी तरह चबाकर खाया जाए, तो यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाता है, जिससे एनीमिया यानी खून की कमी से जल्द राहत मिलती है।

पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी ये बेहद असरदार है। चने के छिलके में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो आंतों की सफाई कर कब्ज, गैस और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतों को जड़ से खत्म करने में हेल्प करता है। जिन लोगों का हाजमा थोड़ा कमजोर रहता है, वे इसे कच्चा खाने के बजाय थोड़ी सी हींग, जीरा और अदरक डालकर हल्का उबालकर भी खा सकते हैं, जिससे यह सुपाच्य बन जाता है।

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डायबिटीज के मरीजों और वजन घटाने के इच्छुक लोगों के लिए भी यह नाश्ता मुफीद विकल्प माना जाता है। काले चने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जिसके कारण यह खून में शुगर को एकदम से स्पाइक नहीं होने देता बल्कि धीरे-धीरे ग्लूकोज रिलीज करता है। वहीं इसमें मौजूद फाइबर और प्रोटीन की उच्च मात्रा पेट को लंबे समय तक तृप्त रखती है, जिससे अवांछित भूख और ओवरईटिंग पर लगाम लगती है तथा वजन आसानी से नियंत्रित रहता है।

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