UP Election Survey: आज चुनाव हुए तो सपा-BJP में कौन जीतेगा? सामने आया सीटों का अनुमान

UP CVoter Survey 2026: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच चुका है। साढ़े नौ साल से सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के बीच शह-मात का खेल तेज हो गया है।

इसी बीच इंडिया टुडे और सी-वोटर के ताजा सर्वे के नतीजों ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के सियासी समीकरणों को हिलाकर रख दिया है। सर्वे के आंकड़ों ने जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी आलाकमान के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं, वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता इसे जनता के बदलाव का स्पष्ट मूड बताकर उत्साहित नजर आ रहे हैं।

6 महीने में बीजेपी को 10 सीटों का झटका, एनडीए बहुमत से दूर

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों के मिजाज को समझने के लिए किए गए इस सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। जनवरी के सर्वे में जहां बीजेपी को 44 सीटें मिलती दिख रही थीं, वहीं अगस्त के ताजा सर्वे में पार्टी सीधे 34 सीटों पर खिसकती नजर आ रही है।

एनडीए के सहयोगी दलों को 4 सीटें मिलने का अनुमान है, जिससे गठबंधन का कुल आंकड़ा 38 पर ही सिमटता दिख रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 33 और सहयोगियों (रालोद 2, अपना दल 1) को 3 सीटें मिली थीं। ऐसे में पिछले चुनाव के मुकाबले बीजेपी को कोई खास बढ़त नहीं मिल रही है, बल्कि जनवरी की तुलना में सीधे 10 सीटों का भारी नुकसान पार्टी के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है।

इंडिया गठबंधन को 41 सीटें, कांग्रेस के ग्राफ में जबरदस्त उछाल

दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का इंडिया गठबंधन 41 सीटों के साथ बहुमत के आंकड़े को पार करता दिख रहा है। सर्वे के अनुसार सपा को 30 सीटें और कांग्रेस को 11 सीटें मिलने का अनुमान है। इसमें सबसे बड़ा उलटफेर कांग्रेस के प्रदर्शन में देखा जा रहा है।

जनवरी में जहां कांग्रेस को महज 2 सीटें मिलती दिख रही थीं, वहीं अब वह 11 सीटों पर पहुंचती नजर आ रही है, जो कि सीधे 9 सीटों की बड़ी छलांग है। सपा को भी पिछले सर्वे के मुकाबले एक सीट का फायदा हुआ है। पिछले लोकसभा चुनाव में सपा ने 37 और कांग्रेस ने 6 सीटें जीती थीं।

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस की संयुक्त रणनीति का असर

पिछले आम चुनाव में इंडिया गठबंधन की शानदार जीत को जब विरोधियों ने सियासी तुक्का करार दिया था, तब दोनों दलों ने अपनी जमीन को और मजबूत करने पर काम शुरू किया था। अब दोनों दलों ने यूपी विधानसभा चुनाव भी पूरी ताकत के साथ मिलकर लड़ने का ऐलान कर रखा है।

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सर्वे के इन नए आंकड़ों ने साफ संकेत दे दिया है कि यूपी के मतदाताओं के बीच गठबंधन की पकड़ ढीली नहीं पड़ी है। 80 सीटों वाले इस अहम राज्य में इंडिया गठबंधन का एनडीए से आगे निकलना बीजेपी के लिए रणनीति में बड़े बदलाव की चेतावनी माना जा रहा है।

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