सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का बड़ा तोहफा; 2 साल की FD पर मिल रहा छप्परफाड़ ब्याज, होगी मोटी कमाई

FD Interest Rates 2026: RBI ने हाल ही में निरंतर चौथी बार रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है। दिसंबर 2025 में 0.25 प्रतिशत की कटौती के बाद रेपो दर 5.25 प्रतिशत पर टिकी हुई है। ऐसे में निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा लगाना एक सुरक्षित और फायदेमंद विकल्प साबित हो रहा है। देश का प्रतिष्ठित सरकारी बैंक ‘सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया’ इन दिनों अपनी एफडी योजनाओं पर ग्राहकों को शानदार रिटर्न का तोहफा दे रहा है। आइए जानते हैं कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में आपके निवेश के लिए क्या बेहतर है।
2 साल की अवधि पर आकर्षक मुनाफा
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया निवेशकों को अपनी सुविधानुसार 7 दिन से लेकर अधिकतम 10 साल तक की अवधि के लिए निवेश का मौका देता है। हालांकि अगर आप मध्यम अवधि के लिए पैसा सुरक्षित करना चाहते हैं तो 24 महीने (दो साल) की एफडी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है।
बैंक ने 10 अगस्त 2026 को अपनी ब्याज दरों में नया संशोधन किया था। इसके तहत 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर आम नागरिकों (59 वर्ष तक की आयु) को दो साल की एफडी पर 6.25 फीसदी का सुनिश्चित रिटर्न मिल रहा है। यह दर उन लोगों के लिए अच्छी है जो बाजार के जोखिमों से दूर रहकर निश्चित आय चाहते हैं।
बुजुर्गों के लिए क्या हैं विशेष लाभ?
वरिष्ठ नागरिकों का खास ख्याल रखते हुए बैंक उन्हें आम लोगों के मुकाबले आधा प्रतिशत (0.50%) का अतिरिक्त मुनाफा दे रहा है। 60 साल या उससे अधिक आयु के निवेशक अगर दो साल का फिक्स्ड डिपॉजिट कराते हैं तो उन्हें 6.75 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा।
वहीं 80 साल या इससे अधिक उम्र वाले अति वरिष्ठ नागरिकों (सुपर सीनियर सिटीजन) के लिए भी बैंक ने सुविधा दी है। हालांकि इन सुपर सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त मुनाफे का फायदा केवल नॉन-कॉलेबल एफडी खातों (जिन्हें मैच्योरिटी से पहले नहीं तोड़ा जा सकता) पर ही दिया जाता है।
रेपो दर और आपकी एफडी का सीधा कनेक्शन
अक्सर आम निवेशकों के मन में यह सवाल होता है कि आरबीआई की नीतियों का उनके निवेश पर क्या असर पड़ेगा। इसका गणित बेहद आसान है। जब भी केंद्रीय बैंक महंगाई को काबू करने के लिए रेपो दर बढ़ाता है तो बैंकों में लोन महंगे होने के साथ-साथ एफडी पर मिलने वाला ब्याज भी बढ़ जाता है।
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इसके विपरीत जब रेपो रेट घटाया जाता है तो फिक्स्ड डिपॉजिट का रिटर्न भी कम हो जाता है। चूंकि अभी रेपो दरें स्थिर बनी हुई हैं इसलिए निवेशकों के पास अपनी गाढ़ी कमाई को एक अच्छी ब्याज दर पर लॉक करने का यह बिल्कुल सही समय है।



