मध्य पूर्व में फिर छिड़ी जंग; US और ईरान ने एक-दूसरे पर हमले किए; क्या खाड़ी देश खतरे में हैं

US Iran Missile Conflict 2026: मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। ईरान ने मिडिल ईस्ट के कई देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है, जबकि अमेरिका ने ईरान के मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जिसे दुनिया भर में तेल की ढुलाई के लिए बहुत अहम माना जाता है, एक बार फिर इस संघर्ष का केंद्र बन गया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जानकारी दी है कि अमेरिका ने रविवार को ईरान पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स और IRGC की स्पीडबोट्स को निशाना बनाया गया। यह भी दावा किया गया कि अमेरिकी फाइटर जेट्स ने हवा में ही एक क्रूज मिसाइल और एक सुसाइड ड्रोन को नष्ट कर दिया। इस ऑपरेशन के बाद बंदर अब्बास, केशम द्वीप, जास्क, सिरिक और बुशहर इलाकों में धमाकों की खबरें आईं।
ईरान के 14 प्रांतों में बमबारी, खाड़ी देशों तक फैला युद्ध का दायरा
लेबनान के न्यूज़ चैनल अल-मायादीन के अनुसार, अमेरिकी फाइटर जेट्स और मिसाइलों ने अब तक ईरान के 14 अलग-अलग प्रांतों को निशाना बनाया है। ईरान ने इस संघर्ष का दायरा पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf region) तक बढ़ा दिया है।
अमेरिकी हमलों के जवाब में, ईरान ने कथित तौर पर पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही रोकने की धमकी दी है। वहीं, अमेरिका का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट है और ईरान इस पर अपना नियंत्रण नहीं कर सकता।
ईरान का आरोप है कि समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर ओमान में चल रही बातचीत को अमेरिकी दबाव के कारण नुकसान पहुंचा, जिससे कोई समाधान नहीं निकल सका। अमेरिका और ईरान के बीच इस संघर्ष का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है; कुवैत ने सीमा पर मौजूद सैन्य चौकियों और समुद्र में स्थित तेल सुविधाओं को नुकसान पहुंचने की सूचना दी है।
अमेरिका ने ईरान के परमाणु शहर बुशहर सहित 5 ठिकानों पर की भीषण बमबारी, एयर डिफेंस हाई अलर्ट पर
कतर ने एक घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें मिसाइल के मलबे से एक बच्चे समेत तीन लोग घायल हो गए थे। बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भी अस्थिरता आई है और संकेत मिल रहे हैं कि तेल की कीमतों पर इसका असर पड़ रहा है।



