दक्षिण दिशा में गलती से भी न लगाएं ये 4 पौधे, वरना पैसा रुकेगा नहीं और बीमारी घेरेगी घर
Vastu rules for plants: घर को हरा-भरा देखकर मन खुश हो जाता है ना? लेकिन वास्तु शास्त्र कहता है कि हर पेड़-पौधा हर जगह शुभ नहीं होता। खास तौर पर दक्षिण दिशा बहुत नाजुक मानी जाती है। इसे यमराज और पितरों का घर कहा जाता है। इस दिशा में गलत पौधा लगा दिया तो सकारात्मक ऊर्जा की जगह नकारात्मकता घर कर लेती है।
तो आज बात करते हैं उन चार पौधों की जिन्हें दक्षिण कोने में भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए।
पहला नंबर है हमारी प्यारी तुलसी का। मां लक्ष्मी का रूप मानी जाने वाली तुलसी को तो हर घर में पूजा जाता है। लेकिन दक्षिण दिशा में लगाने से इसका पूरा पुण्य खत्म हो जाता है। घर में कलह बढ़ता है। छोटी-छोटी बात पर झगड़ा होने लगता है। स्वास्थ्य भी साथ छोड़ने लगता है। वास्तु विशेषज्ञ कहते हैं कि तुलसी को हमेशा उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में ही रखें।
दूसरा पौधा है मनी प्लांट। नाम ही है पैसा लाने वाला। लोग इसे लगाते हैं ताकि धन बढ़े। मगर दक्षिण दिशा में रखा तो उल्टा हो जाता है। जो पैसा आता है वो रुकता नहीं। फिजूलखर्ची बढ़ जाती है। रिश्तों में खटास आ जाती है। क्योंकि ये दिशा अग्नि तत्व वाली है और मनी प्लांट पानी तत्व का प्रतीक है। दोनों में टकराव हो जाता है।
अब आता है शमी का पौधा। दशहरे पर तो सब अपनाते हैं इसे। शनि देव और भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। लेकिन दक्षिण दिशा में लगाया तो शनि की कुदृष्टि लग जाती है। मेहनत बेकार। काम में रुकावटें। इसलिए शमी को ईशान कोण या फिर पूर्व दिशा में ही लगाएं। फायदा चौगुना हो जाएगा।
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आखिरी है केले का पौधा। गुरुवार को पूजा जाता है। भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है। घर के अंदर तो वैसे भी नहीं लगाना चाहिए। बाहर भी दक्षिण दिशा में लगाया (Vastu rules regarding the south direction) तो वास्तु दोष पैदा हो जाता है। घर का शांति-चैन गायब। आर्थिक परेशानी बढ़ जाती है। इसे उत्तर या पूर्व दिशा में ही लगाना चाहिए।
याद रखें दोस्तों ये बातें प्राचीन ग्रंथों और वास्तु विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित हैं। अगर कोई खास परेशानी है तो किसी अच्छे ज्योतिषी या वास्तु एक्सपर्ट से जरूर मिल लें।



