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ओडिशा का यह क्रिकेटर अगले सप्ताह देवधर ट्रॉफी में कर सकता है डेब्यू

पापू राय ओडिशा का यह क्रिकेटर अगले सप्ताह देवधर ट्रॉफी में डेब्यू कर सकता है 23 वर्ष के इस क्रिकेटर के लिए यह किसी सपने से कम नहीं है, जिसे कुछ वर्ष पहले तक दो जून की रोटी के लिए मशक्कत करनी पड़ती थी पापू राय आज से 10 वर्ष पहले सिर्फ इसलिए गेंदबाजी करते थे, कि उन्हें इसके बदले खाना मिलेगा यानी, उन्हें भूखे पेट नहीं सोना पड़ेगा पापू राय को देवधर ट्रॉफी के लिए अंजिक्य रहाणे की अगुवाई वाली भारत-सी टीम में चुना गया है  देवधर ट्रॉफी 23 अक्टूबर से खेली जाएगी

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बाएं हाथ के स्पिनर पापू राय की कहानी बड़ी मार्मिक है उन्होंने जब ‘मम्मी-पापा’ कहना भी प्रारम्भ नहीं किया था तब उन्होंने अपने माता-पिता गंवा दिए थे पापू के माता-पिता जमादार राय  पार्वती देवी बिहार के सारण जिले के रहने वाले थे वे रोजगार की तलाश में बंगाल आ गए थे पापू के पिता जमादार राय ट्रक ड्राइवर थे दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हुआ मां पार्वती लंबी बीमारी के बाद चल बसी थीं

माता-पिता को कभी नहीं देखा, कभी गांव नहीं गया
पापू ने कहा, ‘उनको (माता-पिता) कभी नहीं देखा कभी गांव नहीं गया मैंने उनके बारे में केवल सुना है काश वे मुझे भारत-सी की तरफ से खेलते हुए देखने के लिए जीवित होते मैं कल पूरी रात नहीं सो पाया  रोता रहा मुझे लगता है कि पिछले कई सालों की मेरी कड़ी मेहनत का अब मुझे फल मिल रहा है ’ माता-पिता की मौत के बाद पापू के चाचा ने उनकी देखभाल की, लेकिन जल्द ही उनकी भी मौत हो गई

बॉल डालेगा तो खाना खिलाऊंगा
चाचा की मौत के बाद 15 वर्षीय किशोर पापू के लिए एक समय का भोजन जुटाना भी कठिन हो गया लेकिन क्रिकेट से उन्हें नया ज़िंदगी मिला पापू ने अपने पुराने दिनों को याद किया जब हर विकेट का मतलब होता था कि उन्हें दोपहर  रात का पर्याप्त खाना मिलेगा पापू ने बताया, ‘भैया लोग बुलाते थे  बोलते थे कि बॉल डालेगा तो खाना खिलाऊंगा  हर विकेट का दस रुपए देते थे ’

तेज गेंदबाज के रूप में आरंभ की 
पापू ने पहले तेज गेंदबाज के रूप में आरंभ की, लेकिन हावड़ा क्रिकेट अकादमी के कोच सुजीत साहा ने उन्हें स्पिन गेंदबाजी करने की सलाह दी वह 2011 में बंगाल क्रिकेट संघ की सेकेंड डिवीजन लीग में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज थे उन्होंने तब डलहौजी की तरफ से 50 विकेट लिए थे लेकिन तब इरेश सक्सेना बंगाल की तरफ से खेला करते थे  बाद में प्रज्ञान ओझा के आने से उन्हें बंगाल टीम में स्थान नहीं मिली

भोजन  छत  की तलाश में ओडिशा पहुंचे 
भोजन  छत की तलाश में पापू भुवनेश्वर से 100 किमी उत्तर पूर्व में स्थित जाजपुर आ गए पापू ने कहा, ‘मेरे दोस्त (मुजाकिर अली खान  आसिफ इकबाल खान) जिनसे मैं यहां मिला, उन्होंने मुझसे बोला कि वे मुझे भोजन  छत मुहैया कराएंगे इस तरह से ओडिशा मेरा घर बन गया ’

सितंबर में डेब्यू किया, 8 मैच में 14 विकेट झटके
पापू राय को 2015 में ओडिशा अंडर-15 टीम में स्थान मिली पापू तीन वर्ष बाद 2018 में सीनियर टीम में पहुंच गए  उन्होंने ओडिशा की तरफ से लिस्ट ए के आठ मैचों में 14 विकेट लिए अब वे देवधर ट्रॉफी में खेलने के लिए उत्साहित हैं उन्होंने कहा, ‘उम्मीद है कि मुझे मौका मिलेगा  मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा इससे मुझे बहुत ज्यादा कुछ सीखने को मिलेगा ’

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