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‘ई-आधार’ जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके लाभार्थी की पहचान की कर सकते हैं पुष्टि

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने शुक्रवार को कहा कि सेवा प्रदाता ‘ई-आधार’ या ‘क्यूआर कोड’ जैसी ऑफलाइन तकनीकों का इस्तेमाल करके लाभार्थी की पहचान की पुष्टि कर सकते हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि इसके लिए बायोमीट्रिक आंकड़ों या 12 अंकों की आधार संख्या का खुलासा करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

आधार जारी करने वाले प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के हाल में आए उस फैसले के संदर्भ में यह बयान जारी किया है, जिसमें अदालत ने निजी कंपनियों के लिए आधार के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पहचान की पुष्टि के लिए ऑफलाइन विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि हालिया फैसले के मद्देनजर यूआईडीएआई ने ऑफलाइन विकल्प पेश किया है। लोग यूआईडीएआई सर्वर तक बिना पहुंचे ही अपने आधार की पुष्टि करा सकते हैं। इसके लिए ई-आधार डाउनलोड करना होगा। लोगों के पास अपना आधार नंबर छिपाने का विकल्प भी होगा। ई-आधार पर एक क्यूआर कोड होगा जिसमें आधार नंबर दर्ज नहीं होगा।

उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था में वन टाइम पासवर्ड जैसे सुरक्षा फीचर को भी शामिल किया जा सकता है। पांडे के मुताबिक, यूआईडीएआई अब पुष्टि की उक्त तकनीकों के लिए जागरूकता फैलाने का अभियान चलाने की योजना बना रहा है। इसकी शुरुआत अगले हफ्ते तकनीकी इंडस्ट्री के लोगों के साथ सक्रिय बातचीत के साथ होगी।

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