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‘कम्प्यूटरीकृत डायल 100 प्रणाली’’ की स्थापना शीघ्र

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में उच्च स्तरीय तकनीकी व गुणवत्ता युक्त ‘‘कम्प्यूटरीकृत डायल 100 प्रणाली’’ की स्थापना शीघ्र ही की जानी है, ताकि प्रदेश के किसी भी स्थान पर हुई आपराधिक घटना आदि में पुलिस की मौके पर तत्परता से उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
राज्य मुख्यालय पर स्थापित की जाने वाली इस कम्प्यूटरीकृत डायल 100 प्रणाली को विश्व स्तरीय बनाये जाने के उद्देश्य से गृह एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों की उच्च स्तरीय टीम ने विगत 29 अगस्त से 09 सितम्बर 2015 तक संयुक्त राज्य अमेरिका में कई स्थानों का भ्रमण कर वहां प्रचलित डायल 911 का विस्तृत व गहन अध्ययन किया। इस उच्चस्तरीय दल द्वारा सॅन फ्रांसिसको (San Fransisco), आॅस्टिन (Austin) एवं न्यूयार्क (New York) का भ्रमण किया गया।
इस उच्चस्तरीय दल में गृह विभाग हेतु नामित सलाहकार, वेंकट चंगावल्ली, प्रमुख सचिव गृह, श्री देबाशीष पण्डा, सचिव गृह, कमल सक्सेना, नागरिकोन्मुखी सेवा प्रकोष्ठ (ITECCS) के प्रभारी एवं अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात अनिल अग्रवाल, पुलिस महानिरीक्षक, वूमेन पॉवर लाइन नवनीत सिकेरा शामिल थे।
इस दल ने सॅन फ्रांसिसको (San Fransisco), आॅस्टिन (Austin) एवं न्यूयार्क (New York) में वहां की डायल 911 प्रणाली की प्रचलित प्रक्रिया, उसके संगठनात्मक ढंाचा, कार्य प्रणाली, नेतृत्व व तकनीकी आदि विभिन्न बिन्दुओं की गहन जानकारी प्राप्त किया ताकि उसका उपयोग कर प्रदेश में नव स्थापित होने वाले कम्प्यूटरीकृत डायल 100 की सेवाओं को और अधिक बेहतर व प्रभावी बनाया जा सके।
प्रमुख सचिव गृह, श्री देबाशीष पण्डा ने बताया कि प्रदेश में स्थापित होने वाली डायल 100 प्रणाली की सेवाओं की नेतृत्व क्षमता को और अधिक प्रभावी व उच्च स्तरीय बनाये जाने के संबंध में डायल 911 प्रणाली में अपनायी जाने वाली प्रक्रिया का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। विदेश में इन केन्द्रों पर आने वाली सूचनाओं के आदान-प्रदान में लगे कर्मचारियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया व उसमें लगने वाले समय आदि विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की गयी।
श्री पण्डा ने बताया कि विभिन्न भाषाओं व बोलियों में आने वाली सूचनाओं को समझने व उसी भाषा में उन्हें प्रतिउत्तर देने के लिये इन केन्द्रों पर पृथक से दूसरे व्यक्ति की विशेष रूप से व्यवस्था की गयी थी। इस प्रकार की व्यवस्था महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों एवं विदेशियों से वार्तालाप करने में अधिक सहायक है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा इलाहाबाद के कुंभ मेले के दौरान भी इसी प्रकार की व्यवस्था तीर्थ यात्रियों की सुविधा हेतु की गयी थी।
श्री पण्डा ने बताया कि अध्ययन से स्पष्ट हुआ है कि बड़ी घटनाओं जैसे अग्निकाण्ड, चक्रवात, भूकम्प, बाढ़, नियोजित व अनियोजित घटनाओं आदि में त्वरित कार्यवाही एवं विभिन्न विभागों के मध्य सूचनाओं को साझा करने के लिये इमरजेन्सी आपरेशन सेन्टर (EOC) की व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी पायी गयी है। उन्होंने बताया कि आगरा एवं वाराणसी में बैकअप सेंटर की स्थापित किये जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है, ताकि वहां से परीक्षण, प्रशिक्षण, सॉफ्टवेयर अपडेट आदि विभिन्न प्रकार के कार्य किये जा सके।
प्रमुख सचिव गृह ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया संघों आदि की सदस्यता से विशेषज्ञता, व्यावसायिक दक्षता, तकनीकी ज्ञान आदि की गुणवत्ता बढ़ायी जा सकती है। श्री पण्डा ने बताया कि इनमें प्रमुख है NENA – the Voice of 911 (National Emergency Number Association), APCO International – Leaders in Public Safety Communications (Association of Public safety Communications Officials), British APCO (British Association of Public safety Communications Officials).
श्री पण्डा ने बताया कि प्रदेश में स्थापित होने वाली डायल 100 प्रणाली को बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिये आॅस्टिन 911 एवं न्यूयार्क 911 केन्द्र (Austin 911 and New York 911) अपने यहां प्रचलित सिस्टम, प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण व नेतृत्व आदि पारस्परिक विनिमय के विषयक समझौते करने पर सहमत है।

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