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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वीआइपी सुविधा लेने वाले एक शख्स को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वीआइपी सुविधा लेने वाले एक शख्स को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपी राष्ट्रपति से भी सम्मानित हो चुका है। वह बड़े-बड़े नेताओं और मंत्रियों के साथ अपनी फोटो दिखाकर धाक जमाता था। गिरफ्तार आरोपी देश का जाना-माना कथक सम्राट पुलकित मिश्रा उर्फ पुलकित महाराज है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके द्वारा किए गए फर्जीवाड़ों की फेहरिस्त तैयार करने में जुटी है।

पुलकित महाराज के हैं करोड़ों फैन्स
पुलकित महाराज न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी कथक गुरु के नाम से जाना जाता है पूरे विश्व में पुलकित महाराज के करोड़ों फैन्स मौजूद हैं। कला प्रेमी इस कथक गुरु के डांस के कायल हैं। कथक गुरु पुलकित महाराज पर आरोप है कि इसने अलग-अलग मंत्रालयों के फर्जी लेटर हेड की मदद से कई राज्यों में वीवीआइपी सुविधाएं हासिल की हैं।

क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच 
एडिशनल सीपी क्राइम ब्रांच राजीव रंजन के मुताबिक इसी साल अगस्त महीने में शिकायत मिली थी कि साहिबाबाद के रहने वाले पुलकित महाराज ने खुद को उत्तर प्रदेश के सीतापुर में कलेक्टर को कला एवमं संस्कृति मंत्रालय का डायरेक्टर बताया और वहां खुद के लिए सिक्युरिटी और सर्किट हाउस बुक करने के लिए कहा। एक अप्रैल साल 2018 को पुलकित महाराज सीतापुर गए गया था जहां उसे पुलिस और प्रशासन ने वीवीआइपी प्रोटोकॉल और सिक्युरिटी भी मुहैया करवाई गई थी। लेकिन, कलेक्टर को शक हुआ तो उन्होंने इस बात की शिकायत तुरंत मंत्रालय को की, पीएमओ की तरफ से जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।

क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार 
इन्वेस्टीगेशन में पता चला कि सीतापुर के कलेक्टर को भेजा गया मंत्रालय का लेटर हेड फर्जी है। धोखाधड़ी का केस रजिस्टर कर एक महीने की जांच के बाद शुक्रवार सुबह कथक गुरु पुलकित महाराज को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के वक्त पुलकित महाराज अपने साहिबाबाद स्थित घर पर मौजूद था।

खुद को बताता था पीएम का आध्यातमिक गुरु
जांच के दौरान पता चला है कि कथक गुरु खुद को कभी पीएम का आध्यातमिक गुरु बताकर, कभी किसी मंत्रालय के फर्जी लेटर हेड पर कभी अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर कई राज्यो में स्टेट गेस्ट का दर्जा तक पा चुका है। साथ ही कई शहरों में जाने से पहले वहां के अधिकारियों को अपना रुतबा दिखाकर वीवीआइपी ट्रीटमेंट भी हासिल कर चुका है।

बहन भी फर्जीवाड़े में देती थी साथ
पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि इसकी बहन पारुल भी इसके साथ ही रहती थी और मंत्रालय के फर्जी लेटर हेड पर पारुल पुलकित महाराज की सचिव बनी हुई थी। इतना ही नहीं, पुलकित महाराज दिलशाद गार्डन इलाके में आलिंगन वेलफेयर सोसाइटी के नाम से डांस अकेडमी और अपना एक आध्यातमिक सेंटर भी चलाता था।

जांस में सामने आएंगे अहम राज 
फिलहाल, ये कथक गुरु पुलकित महाराज अब 5 दिनों के लिए क्राइम ब्रांच की रिमांड पर है, जहां पुलिस ये जानने की कोशिश करेगी कि आखिर कैसे ये अलग-अलग मंत्रालयों के फर्जी दस्तावेज तैयार करता था और क्या इसकी सांठ-गांठ मंत्रालयों के अधिकारियों से भी थी। साथ ही पुलिस इस फर्जीवाड़े में उसकी बहन पारुल की भूमिका की छानबीन भी कर रही है।

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